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12 लाख रुपये आयकर भरने वाला IIT का केमिकल इंजीनियर नौकरी छोड़कर लेगा जैन दीक्षा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Tue, 16 Jan 2018 10:14 AM IST
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IIT मुंबई से पढ़ाई कर चुके 29 साल के केमिकल इंजीनियर संकेत पारेख की जिंदगी अपने सीनियर से ऑनलाइन चैट करने के बाद पूरी तरह से बदल चुकी है। उनके पास बहुत अच्छी नौकरी थी और वह यूएस से पोस्ट ग्रेजुएशन करने की योजना बना रहे थे। लेकिन चैटिंग के बाद अब वह उन 16 लोगों में शामिल हैं जोकि बोरीवली मुंबई में 22 जनवरी को दीक्षा ले रहे हैं। ये सभी जैन आचार्य युगभूषण सुरीजी से शिक्षा ले रहे थे।
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पारेख वैष्णव परिवार से संबंध रखते हैं लेकिन वो IIT में अपने सीनियर भाविक शाह की वजह से जैन धर्म की तरफ रुझान रखने लगे। भाविक ने 2013 में दीक्षा ली थी। पारेख ने कहा कि वह पहले नास्तिक थे और वह अपने करियर के लिए बहुत गंभीर थे लेकिन उन्होंने जब से दीक्षा लेने का मन बनाया है तब से वह शांति महसूस कर रहे हैं।
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पारेख ने बताया कि मैं भाविक के साथ चैटिंग कर रहा था जोकि कनाडा में यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा में 2010 में इंटर्नशिप कर रहे थे। उस वक्त मैं फाइनल ईयर में था, यह सामान्य चैटिंग थी, मुझे नहीं पता था कि आत्मा के ज्ञान के विषय में कैसे बात करनी है।
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यह पहली बार था जब मैं इस विषय के बारे में सोच रहा था। मैं इसमें गहराई से उतरता गया और जैन धर्म के प्रति पढ़ना शुरू किया। उन्होंने बताया कि अब मैंने सारे गैजेट्स का प्रयोग करना छोड़ दिया है। अब वो कंप्यूटर का प्रयोग भी नहीं करते, जिससे वो चैटिंग किया करते थे।
पारेख ने अपनी सैलरी के बारे में नहीं बताया हालांकि उन्होंने कहा कि वह 12 लाख रुपये हर साल इनकम टैक्स भर रहे थे। पारेख ने बताया कि उनके पिता की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। इसलिए उन्होंने अपनी मां और बड़ी बहन को बताया कि वह दीक्षा लेना चाहते हैं। उन्होंने अपनी मां से कहा कि बस यही एक जरिया है जिससे वो खुश रह सकते हैं। हालांकि शुरुआत में मां को मनाना मुश्किल था।