फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sanjeev Balyan created new political controversy talking about dividing Uttar Pradesh into four parts

चार भागों में बंटेगा उत्तर प्रदेश! केंद्रीय मंत्री के बयान से खड़ा हुआ विवाद; इसके लागू होने की संभावना कितनी?

Tue, 03 Oct 2023 08:46 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Tue, 03 Oct 2023 08:46 PM IST
विज्ञापन
सार
कहा जा रहा है कि संजीव बालियान ने यह बयान सोच समझकर दिया है। इसके पीछे यूपी को चार भागों में बांटने का नहीं, बल्कि सियासी तौर पर लोगों का ध्यान भटकाना इसका उद्देश्य हो सकता है। चूंकि, अगले छह महीने के अंदर ही लोकसभा के चुनाव होने हैं, लिहाजा सोच समझ कर एक बार फिर पश्चिमी यूपी की सियासत को गर्म करने की कोशिश की जा रही है और मंत्री का बयान इसी दिशा में उठाया गया पहला कदम है। 
loader
Sanjeev Balyan created new political controversy talking about dividing Uttar Pradesh into four parts
केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने उत्तर प्रदेश को चार भागों में बांटने की बात कहकर नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। बहुजन समाज पार्टी ने तो सरकार में रहते हुए पहले ही इसके पक्ष में प्रस्ताव पास किया था, वह अब भी इस मांग के साथ है। यूपी की सबसे प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी भी खुलकर इसके पक्ष में खड़ी हो गई है। ऐसे में यूपी के सभी प्रमुख दलों ने यूपी को चार भागों में बांटने की हिमायत कर दी है। तो क्या अब यूपी को चार भागों में बांटने की योजना को पूरा किया जा सकता है? केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान के इस बयान के मायने क्या हैं? 



चर्चा यह भी है कि संजीव बालियान ने यह बयान सोच समझकर दिया है। इसके पीछे यूपी को चार भागों में बांटने का नहीं, बल्कि सियासी तौर पर लोगों का ध्यान भटकाना इसका उद्देश्य हो सकता है। चूंकि, अगले छह महीने के अंदर ही लोकसभा के चुनाव होने हैं, लिहाजा सोच समझ कर एक बार फिर पश्चिमी यूपी की सियासत को गर्म करने की कोशिश की जा रही है और मंत्री का बयान इसी दिशा में उठाया गया पहला कदम है। 


यह बात इसलिए कही जा रही है क्योंकि संजीव बालियान के बयान के तुरंत बाद ही भाजपा के ही एक दूसरे नेता संगीत सोम का भी बयान आ गया। उन्होंने संजीव बालियान के बयान का विरोध करते हुए कहा कि पश्चिमी यूपी को चार टुकड़ों में नहीं बांटा जाना चाहिए। ऐसा करने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश 'मिनी पाकिस्तान' बन जाएगा। 

केवल बयानबाजी क्यों
विपक्षी दल के नेताओं का कहना है कि इस समय केंद्र से लेकर उत्तर प्रदेश तक में भाजपा की ही सरकार है। यदि वह यूपी को चार भागों में बांटना चाहती है तो उसे केवल बयानबाजी कर अपना पल्ला नहीं छुड़ाना चाहिए। यदि वह इस मुद्दे पर गंभीर है तो उसे तत्काल संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस प्रस्ताव को पास कर देना चाहिए। चूंकि, मायावती सरकार के दौरान पहले ही प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जा चुका है, अब इसे यूपी से पास कराने की कोई आवश्यकता नहीं है।         
लेकिन ऐसा न कर केवल बयानबाजी की जा रही है। यही कारण है कि माना जा रहा है कि संजीव बालियान का बयान केवल लोगों का ध्यान भटकाने वाला है। सरकार के पास इस कार्य को करने के लिए पर्याप्त संख्या बल और राजनीतिक समर्थन हासिल है। यदि वह चाहे तो ऐसा करने में उसके सामने कोई बाधा नहीं है।    

योगी सरकार भी नहीं चाहेगी बंटवारा
राजनीतिक विश्लेषक संजय तिवारी ने कहा कि कोई भी राज्य सरकार अपने राज्य का बंटवारा नहीं चाहती। अब तक जितने भी राज्यों के बंटवारे हुए हैं, कोई भी राज्य सरकार इसके पक्ष में नहीं रही है। उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए बड़े मजबूत गढ़ के रूप में उभरा है। भाजपा कभी इसे कमजोर नहीं करना चाहेगी। जबकि राज्य का बंटवारा करने से लोगों की मानसिकता बदलती है और इससे भाजपा की पकड़ कमजोर पड़ सकती है, लिहाजा वह राज्य का बंटवारा कभी नहीं चाहेगी।  उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समय पूरे प्रदेश  के एकछत्र नेता हैंं। सियासी तौर पर यूपी का मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री के बाद सबसे ताकतवर राजनेता के तौर पर देखा जाता है। यूपी का मुख्यमंत्री होने के कारण ही योगी आदित्यनाथ की छवि बहुत मजबूत बनती दिख रही है। जबकि  प्रदेश का बंटवारा होने से वे चंद जिलों के मुख्यमंत्री रह जाएंगे। ऐसे में समझा जा सकता है कि वे भी यूपी का बंटवारा नहीं चाहेंगे।   

बालियान ने कहाँ दिया बयान 
दरअसल, केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान एक अक्टूबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समुदाय के एक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाना चाहिए। मेरठ को इसकी राजधानी बना देना चाहिए। इस समय यूपी की राजधानी बहुत दूर है और हाईकोर्ट तक जाने के लिए लोगों को 750 किलोमीटर तक जाना पड़ता है। यदि मेरठ राजधानी हो तो इससे लोगों को कामकाज कराने में सुविधा होगी।     

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed