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राम मंदिर मामले पर संजय राउत बोले- हमने 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी थी

Fri, 23 Nov 2018 03:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 23 Nov 2018 03:59 PM IST
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sanjay raut says We broke the Babri Masjid in 17 minutes
sanjay raut
जैसे-जैसे 2019 के लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे ही राम मंदिर का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। शिवसेना नेता संजय राउत ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हमने 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी थी तो कानून बनाने में कितना समय लगता है। 
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन से लेकर उत्तर प्रदेश तक भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। राज्यसभा में बहुत सांसद हैं जो राम मंदिर के साथ खड़े रहेंगे। साथ ही कहा कि जो भी विरोध करेगा उसका देश में घूमना मुश्किल होगा।   
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बता दे कि शिवसेना ने शुक्रवार को भाजपा से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर अध्यादेश लाने और तारीख की घोषणा करने के लिए कहा है। भाजपा पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में लिखा, "सत्ता में बैठे लोगों को शिवसैनिकों पर गर्व होना चाहिए जिन्होंने राम जन्मभूमि में बाबर राज को खत्म कर दिया। शिवसेना ने कहा कि वह चुनाव के दौरान न तो भगवान राम के नाम पर वोटों की भीख मांगती है और न ही जुमलेबाजी करती है।
 
शिवसेना प्रमुख उद्धव राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर 25 नवंबर को अयोध्या का दौरा करेंगे। संपादकीय में लिखा है, "हमारे अयोध्या दौरे को लेकर खुद को हिंदुत्व समर्थक कहने वालों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? हम राजनीतिक मकसद से वहां नहीं जा रहे हैं।" शिवसेना ने दावा किया कि उसने "चलो अयोध्या" का नारा नहीं दिया है। उसने कहा, "अयोध्या किसी की निजी जगह नहीं है। शिवसैनिक वहां भगवान राम के दर्शन करने जा रहे हैं।" 

संपादकीय में ये भी कहा गया है, "अयोध्या में अब रामराज नहीं सुप्रीम कोर्ट का राज है। 1992 में बालासाहेब के शिवसैनिकों ने राम जन्मभूमि में बाबर राज को तबाह कर दिया था। फिर भी सत्ता में बैठे लोग उन शिवसैनिकों पर गर्व करने के बजाय उनसे डर और जलन महसूस कर रहे हैं। 


अयोध्या जा रहे शिवसैनिकों पर तोहमत लगाने की जगह सरकार को मंदिर निर्माण के लिए तारीख बताकर संदेह खत्म करना चाहिए।" संपादकीय में कहा गया है कि "आप राम मंदिर के निर्माण की तारीख क्यों तय नहीं कर रहे हैं? अगर मंदिर निर्माण का मु्द्दा आपके हाथ से निकल गया तो 2019 में आपकी रोजी-रोटी के अलावा कई लोगों की जुबान बंद हो जाएगी।" 

 
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