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Maharashtra: महाराष्ट्र को आठ दिन बाद भी नहीं मिल सका CM, संजय राउत ने बताई इसके पीछे की वजह

Sat, 30 Nov 2024 02:21 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: काव्या मिश्रा Updated Sat, 30 Nov 2024 02:21 PM IST
सार

महाराष्ट्र में चुनावी नतीजे घोषित होने के एक सप्ताह बाद भी नए मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बकरार है। सीएम और डिप्टी सीएम के चेहरे को लेकर लगातार सियासी गलियारों में हलचल मची हुई है। इस बीच संजय राउत ने महायुति पर जमकर निशाना साधा है। 

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Sanjay Raut said Maharashtra without CM for 8 days because poll verdict against wishes of people
संजय राउत - फोटो : एएनआई

विस्तार

उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना के नेता संजय राउत ने एक बार फिर महायुति पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में आए अस्वाभाविक जनादेश के कारण पिछले आठ दिनों से मुख्यमंत्री के चयन में देरी हो रही है। बता दें, विधानसभा चुनावों में महायुति को बड़ी जीत मिली है, जबकि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) लगातार अपनी हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रहा है। 
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राउत ने संकेत दिया कि महायुति में चल रहे मतभेदों के कारण कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सरकार गठन की कोशिशों के बीच अपने पैतृक गांव जाने को मजबूर होना पड़ा। 
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शिंदे की वजह से मीटिंग रद्द?
महाराष्ट्र में चुनावी नतीजे घोषित होने के एक सप्ताह बाद भी नए मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बकरार है। सीएम और डिप्टी सीएम के चेहरे को लेकर लगातार सियासी गलियारों में हलचल मची हुई है। इस बीच, कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने पैतृक गांव चले गए। इस वजह से महाराष्ट्र सरकार के गठन पर फैसला लेने के लिए मुंबई में होने वाली महायुति की अहम बैठक स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद अटकलें लगाई जाने लगी कि क्या शिंदे सरकार गठन के फैसले से नाराज हैं और इसलिए सतारा जिले में अपने गांव चले गए हैं। हालांकि, उनकी पार्टी के नेता उदय सामंत ने सभी अटकलों पर विराम लगाया। उन्होंने दावा किया कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री परेशान नहीं हैं। वो बुखार और सर्दी से पीड़ित होने के कारण अपने पैतृक गांव चले गए।
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पूरे राज्य में आंदोलन हो रहे: राउत
राउत ने कहा, 'नतीजे घोषित हुए आठ दिन बीत चुके हैं, मगर महाराष्ट्र को मुख्यमंत्री नहीं मिल पाया है। कार्यवाहक मुख्यमंत्री (एकनाथ शिंदे) अपने गांव चले गए हैं। ऐसा क्यों हो रहा है? शायद इसलिए क्योंकि नतीजे अस्वाभाविक हैं और लोगों की इच्छा के खिलाफ हैं। पूरे राज्य में आंदोलन हो रहे हैं।'

'अचानक मतों की संख्या में हुई वृद्धि'
उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के अंतिम घंटों में डाले गए मतों की संख्या में अचानक वृद्धि महाराष्ट्र और हरियाणा में महायुति की जीत का कारण बनी। उन्होंने आगे कहा, 'महाराष्ट्र में 20 नवंबर को शाम पांच बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक 76 लाख वोट पड़े। इन 76 लाख वोटों का क्या हुआ? इसी तरह हरियाणा में 14 लाख वोट बढ़े। वोटों की संख्या में अचानक वृद्धि होना महायुति की जीत का कारण था।'

उन्होंने कहा कि विपक्षी महा विकास आघाड़ी चुनाव परिणामों और इसके पीछे की तकनीकी पहलुओं का अध्ययन कर रहा है। 

महा विकास अघाड़ी में कोई दरार नहीं: शिवसेना (यूबीटी) सांसद
बता दें, महायुति ने 288 सीटों में से 230 सीटें जीतीं, जिसमें भाजपा ने अधिकतम 132 सीटें जीतीं। हालांकि, वहीं एमवीए मात्र 46 सीटों पर सिमट गया था। शिवसेना (यूबीटी) के नेता राउत ने स्पष्ट किया कि एमवीए एकजुट है और उन्होंने चुनाव में मिली हार के मद्देनजर विपक्ष में किसी भी दरार की खबरों को खारिज कर किया।


उन्होंने कहा कि महा विकास अघाड़ी में कोई भी निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात नहीं कर रहा है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अंतर है। यह पूछे जाने पर कि क्या शिवसेना (यूबीटी) आगामी स्थानीय निकायों के चुनाव अकेले लड़ेगी, उन्होंने कहा, 'उचित समय पर सही फैसला किया जाएगा।'

राउत ने कहा कि कांग्रेस, राकांपा (सपा) अध्यक्ष शरद पवार और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच लगातार बातचीत चल रही है।
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