राउत का भाजपा पर तंज: सऊदी अरब की इस्लामिक रिफाइनरी के लिए 'हिंदुत्ववादी’ सरकार बारसू में लोगों पर कर रही हमला
संजय राउत ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच प्रस्तावित रिफाइनरी (तेलशोधन कारखाना) को लेकर कोई समन्वय नहीं है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना-भाजपा सरकार पर हमला बोला। संजय राउत ने शनिवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के बारसु गांव के निवासियों पर पुलिस सऊदी अरब की ‘इस्लामिक’ तेल रिफाइनरी के लिए नृशंस तरीके से हमला कर रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति तब है तब राज्य में ‘हिंदुत्ववादी’ सरकार है।
राउत ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच प्रस्तावित रिफाइनरी (तेलशोधन कारखाना) को लेकर कोई समन्वय नहीं है। राउत ने यह टिप्पणी राजपुर तहसील के बारसू और सोलगांव में परियोजना का विरोध कर रहे ग्रामीणों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़ने और शिवसेना (यूबीटी) सांसद विनायक राउत को हिरासत में लिए जाने के एक दिन बाद की है।
बारसू और इसके आसपास के निवासियों का एक वर्ग प्रस्तावित रिफाइनरी का विरोध कर रहा है क्योंकि उन्हें आशंका है कि यह मेगा परियोजना तटीय कोंकण क्षेत्र की नाजुक जैवविविधता को नुकसान पहुंचाएगी और स्थानीय लोगों की आजीविका को भी प्रभावित करेगी। मंगलवार को परियोजना का विरोध रहे करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया गया था। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रही है।
राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा, सरकार में कोई समन्वय नहीं है। बारसू के मामले में केवल सऊदी अरब की कंपनी (एक इस्लामिक कंपनी) और हिंदुत्ववादी सरकार में समन्वय है। इस्लामिक रिफाइनरी के लिए रत्नागिरी के मराठी मानुष, भूमिपुत्रों पर हमला किया जा रहा है। यह उनका (सरकार का) हिंदुत्व है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बारसू के मामले में पार्टी के भीतर कोई मतभेद नहीं है। गौरतलब है कि स्थानीय विधायक और शिवसेना (यूबीटी) के सदस्य रंजन साल्वी ने परियोजना का खुलकर समर्थन किया है।
रत्नागिरी रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल लिमिटेड परियोजना एशिया की 'सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी' बनने जा रही है और रत्नागिरी के नानार गांव में बनाने का प्रस्ताव है। माना जाता है कि यह इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम और सऊदी अरब के स्वामित्व वाली अरामको और संयुक्त अरब अमीरात की नेशनल ऑयल कंपनी का एक संयुक्त उद्यम है।
सुनिश्चित किया जाए कि परियोजनाओं से पर्यावरण को नुकसान नहीं हो :अजित पवार
महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के बारसु गांव में प्रस्तावित तेल रिफाइनरी के खिलाफ स्थानीय लोगों के एक वर्ग द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता अजित पवार ने शनिवार को कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि विकास परियोजनाओं से पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचे। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे।
इस मुद्दे के बारे में बात करते हुए महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता पवार ने कहा, हमने राज्य में विकास परियोजनाओं का कभी विरोध नहीं किया है...किसी भी परियोजना का क्रियान्वयन करने से पहले यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि पर्यावरण को किसी भी तरह नुकसान नहीं पहुंचे। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से सभी हितधारकों के साथ चर्चा करने और सर्वश्रेष्ठ उपाय ढूंढने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा था कि प्रस्तावित रिफाइनरी परियोजना स्थानीय लोगों की सहमति के बिना क्रियान्वित नहीं जाएगी। उन्होंने लोगों से क्षेत्र में शांति की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा, हम जनता की सरकार हैं और हम उनके खिलाफ नहीं हैं। हम स्थानीय लोगों की सहमति के बिना आगे नहीं बढ़ेंगे।