संजय झा का दावा, नेतृत्व बदलाव पर 100 नेताओं ने लिखी सोनिया को चिट्ठी
कांग्रेस से निलंबित नेता संजय झा ने सोमवार को पार्टी के नेतृत्व को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के करीब 100 नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को नेतृत्व बदलने के लिए चिट्ठी लिखी है। हालांकि, पार्टी की तरफ से इस बात का खंडन किया गया है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, फेसबुक-भाजपा लिंक से ध्यान हटाने के लिए ऐसे दावे किए जा रहे हैं।
संजय झा ने दावा किया कि चिट्ठी लिखने वालों में कांग्रेस पार्टी के सांसद भी शामिल हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'करीब 100 कांग्रेस नेता (सांसद समेत) पार्टी में मामलों की दशा से व्यथित हैं। इन नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव और कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) में पारदर्शी चुनाव की मांग की गई है।'It is estimated that around 100 Congress leaders (including MP's) , distressed at the state of affairs within the party, have written a letter to Mrs Sonia Gandhi, Congress President, asking for change in political leadership and transparent elections in CWC.
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Watch this space. — Sanjay Jha (@JhaSanjay) August 17, 2020
कांग्रेस ने दावे को किया खारिज
वहीं, झा के इस दावे पर पार्टी की प्रतिक्रिया भी आ गई है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ऐसे किसी भी पत्र की बात को सिरे से नकार दिया। सुरजेवाला ने कहा, भाजपा-फेसबुक ग्रुप से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के पत्र की बात की जा रही है। ऐसा कोई पत्र असलियत में है ही नहीं। उन्होंने कहा, भाजपा के नेताओं की तरफ से इस पर बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक सवाल के जवाब में कहा, पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र बरकरार है और पार्टी ने ऐसे नेताओं को पत्र लिखने की पूरी आजादी दी है। ऐसे नेता भाजपा के इशारों पर काम कर रहे हैं।
पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर निलंबित हुए थे संजय झा
बता दें कि, संजय झा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कांग्रेस से निलंबित किया गया था। उन्होंने हाल ही में कहा था, वह पार्टी की विचारधारा के प्रति पूरी तरह वफादार हैं, लेकिन उनकी वफादारी किसी एक व्यक्ति या किसी परिवार के प्रति नहीं है। राजस्थान में जारी सियासी संकट के दौरान झा ने कहा था, वह गांधीवाद-नेहरूवाद विचारधारा में विश्वास रखने वाले व्यक्ति हैं और यह विचारधारा अब कांग्रेस से गायब हो रही है।