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Sandeshkhali: सुप्रीम कोर्ट में आज संदेशखाली मामले पर सुनवाई, महिला शोषण की जांच प.बंगाल से बाहर कराने की अपील
Mon, 19 Feb 2024 04:18 AM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 19 Feb 2024 04:18 AM IST
सार
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना का संदेशखाली गांव पिछले कुछ दिनों से चर्चा में बना हुआ है। ताजा घटनाक्रम इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई का है। शीर्ष अदालत में दो जजों की खंडपीठ संदेशखाली में महिलाओं के कथित उत्पीड़न की जांच की अपील वाली याचिका पर सुनवाई करेगी।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में संदेशखाली गांव में महिलाओं के कथित उत्पीड़न को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा। याचिका में मामले की जांच और उसके बाद सुनवाई पश्चिम बंगाल से बाहर कराने की मांग की गई है। वकील आलोक अलख श्रीवास्तव की तरफ से दायर याचिका में संदेशखाली के पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग की गई है। साथ ही अपनी जिम्मेदारी ठीक तरह से न निभाने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा गया है।
दो जजों की खंडपीठ में सुनवाई होगी
संदेशखाली मामले पर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ सुनवाई करेगी। इससे पहले रविवार को उत्पीड़न मामले के मुख्य आरोपियों में से एक शिबू हाजरा को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेजने की खबर आई। तृणमूल कांग्रेस नेता शिबू हाजरा को एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था। शिबू को हिरासत में भेजने का फैसला बशीरहाट सबडिवीजन कोर्ट ने सुनाया। इनके खिलाफ संदेशखाली में जमीन हड़पने और महिलाओं के उत्पीड़न के आरोप लगे हैं।
'संदेशखाली को कुछ लोग तिल का ताड़ बना रहे'
पूरे घटनाक्रम और राज्य की पुलिस पर लग रहे गंभीर आरोपों को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि संदेशखाली में एक घटना घटी। पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम को भेजा गया। इसके बाद उनके मित्र भाजपा के लोग घुसे। फिर तिल का ताड़ बनाया गया। उन्होंने कार्रवाई और पीड़ितों को इंसाफ का आश्वासन देते हुए कहा, 'मैं अफसरों को भेजूंगी, जिनकी शिकायत हो बताएं। अगर किसी ने कुछ लिया है, तो सब कुछ वापस किया जाएगा।'
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क्या है मामला
बता दें कि संदेशखाली जाते वक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को रोके जाने की घटना सामने आई थी। मजूमदार पुलिस कर्मियों के साथ झड़प में घायल हो गए। संदेशखाली इलाके में बड़ी संख्या में महिलाओं के तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाए जाने के बाद से तनाव व्याप्त है।
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दो जजों की खंडपीठ में सुनवाई होगी
संदेशखाली मामले पर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ सुनवाई करेगी। इससे पहले रविवार को उत्पीड़न मामले के मुख्य आरोपियों में से एक शिबू हाजरा को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेजने की खबर आई। तृणमूल कांग्रेस नेता शिबू हाजरा को एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था। शिबू को हिरासत में भेजने का फैसला बशीरहाट सबडिवीजन कोर्ट ने सुनाया। इनके खिलाफ संदेशखाली में जमीन हड़पने और महिलाओं के उत्पीड़न के आरोप लगे हैं।
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'संदेशखाली को कुछ लोग तिल का ताड़ बना रहे'
पूरे घटनाक्रम और राज्य की पुलिस पर लग रहे गंभीर आरोपों को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि संदेशखाली में एक घटना घटी। पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम को भेजा गया। इसके बाद उनके मित्र भाजपा के लोग घुसे। फिर तिल का ताड़ बनाया गया। उन्होंने कार्रवाई और पीड़ितों को इंसाफ का आश्वासन देते हुए कहा, 'मैं अफसरों को भेजूंगी, जिनकी शिकायत हो बताएं। अगर किसी ने कुछ लिया है, तो सब कुछ वापस किया जाएगा।'
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क्या है मामला
बता दें कि संदेशखाली जाते वक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को रोके जाने की घटना सामने आई थी। मजूमदार पुलिस कर्मियों के साथ झड़प में घायल हो गए। संदेशखाली इलाके में बड़ी संख्या में महिलाओं के तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाए जाने के बाद से तनाव व्याप्त है।