{"_id":"6648e6ee52facccb0f066370","slug":"sandeshkhali-bjp-worker-piyali-das-released-from-jail-2024-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"संदेशखाली : भाजपा कार्यकर्ता पियाली दास जेल से रिहा; कहा- साबित हो गया है मेरी गिरफ्तारी अवैध थी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
संदेशखाली : भाजपा कार्यकर्ता पियाली दास जेल से रिहा; कहा- साबित हो गया है मेरी गिरफ्तारी अवैध थी
Sat, 18 May 2024 11:42 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 18 May 2024 11:42 PM IST
सार
दास के खिलाफ संदेशखाली की एक महिला से कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराकर टीएमसी नेताओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत के रूप में इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
संदेशखाली हिंसा (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संदेशखाली की भाजपा कार्यकर्ता पियाली दास को शनिवार को सुधार गृह से रिहा कर दिया गया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक आपराधिक मामले में उन्हें निजी मुचलके पर एक दिन पहले तत्काल रिहाई का आदेश दिया था।
विज्ञापन
दास के खिलाफ संदेशखाली की एक महिला से कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराकर टीएमसी नेताओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत के रूप में इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। शनिवार शाम को दास के दमदम केंद्रीय सुधार गृह से बाहर आने के बाद, भाजपा समर्थकों ने उनका माला और फूलों के गुलदस्ते से स्वागत किया। रिहा होने के बाद उन्होंने कहा, मैं सच्चाई के साथ रहूंगी और इस साजिश से लड़ना जारी रखूंगी। अब अदालत में साबित हो गया है कि मेरी गिरफ्तारी अवैध थी। उन्होंने कहा, मैं संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं के साथ हमेशा खड़ी रहूंगा और सत्तारूढ़ पार्टी के अत्याचारों के खिलाफ लड़ती रहूंगी। दास ने यह भी आरोप लगाया कि दिलीप मल्लिक सहित संदेशखाली के दो टीएमसी नेताओं ने उन्हें 20 लाख रुपये नकद रिश्वत देने की कोशिश की थी। हालांकि, मल्लिक ने इस आरोप को खारिज कर दिया है।
विज्ञापन
इस मामले पर 19 जून को दोबारा सुनवाई होगी
14 मई को बशीरहाट उप-विभागीय अदालत में आत्मसमर्पण के बाद, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दास की जमानत याचिका खारिज कर दी थी और उसे आठ दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद दास ने जमानत के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया। उनके वकील राजदीप मजूमदार ने उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था कि निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ आईपीसी 195ए (किसी व्यक्ति को गलत सबूत देने के लिए मजबूर करना), एक गैर-जमानती धारा, जोड़ दी थी। पश्चिम बंगाल सरकार ने जमानत प्रार्थना का विरोध किया था। इस मामले पर 19 जून को दोबारा सुनवाई होगी।
विज्ञापन