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Sam Pitroda: चुनावी समर के बीच कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने वाले राहुल गांधी के अंकल 'सैम' खुद हटे या हटाए गए?

Thu, 09 May 2024 01:30 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Thu, 09 May 2024 01:30 PM IST
सार

विरासत कर पर विवाद के बाद सैम पित्रोदा का एक और विवादास्पद बयान आ गया। पित्रोदा ने भारत की विविधता पर बात करते हुए कहा था, भारत में पूर्व के लोग चीनी जैसे लगते हैं, तो दक्षिण में लोग अफ्रीकी लगते हैं। पश्चिम भारत के लोग अरबी जैसे लगते हैं। उत्तर भारतीय गोरे होते हैं। उनके इस बयान को भाजपा ने 'नस्लीय टिप्पणी' बताया।

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Sam Pitroda controversial statement removal from Overseas Congress lead role Rahul Gandhi Inheritance Tax
सैम पित्रोदा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा चुनाव के बीच, इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन 'सैम पित्रोदा' का विवादित बयान इतना तूल पकड़ गया कि उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के दूसरे नेताओं ने पित्रोदा के बयान को 'नस्लीय' टिप्पणी बताया। महज कुछ ही घंटे में कांग्रेस नेतृत्व को समझ आ गया कि सैम पित्रोदा का यह बयान, लोकसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है। चुनावी समर के बीच कांग्रेस को मुसीबत में फंसाने वाले राहुल गांधी के अंकल 'सैम' खुद अपने पद से हटे हैं या उन्हें हटाया गया है, यह चर्चा जोरों पर है। इस बाबत कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से एक विश्वस्त सूत्र ने बताया, पित्रोदा ने लोकसभा चुनाव में दूसरा ऐसा बयान दिया है, जिसके चलते पार्टी को मुसीबत में फंसना पड़ा है। ऐसे में 'सैम' तक यह संदेश पहुंचाया गया कि वे कुछ समय तक इस्तीफा दे दें। यह मैसेज भेजने से पहले सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल के संज्ञान में 'पित्रोदा' का मुद्दा लाया गया। पार्टी के इस शक्ति 'केंद्र' की सहमति के बाद ही 'सैम' अंकल से इस्तीफा मांगा गया।
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जयराम बोले- अपनी मर्जी से दिया है इस्तीफा
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बुधवार को सोशल मीडिया पर 'पित्रोदा' के इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, पित्रोदा ने अपनी मर्जी से ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। दूसरे और तीसरे चरण के मतदान से विपक्षी दल खुश नजर आ रहे हैं। वे इन दोनों चरणों की वोटिंग को अपने फायदे के तौर पर देख रहे हैं। तीसरे चरण के मतदान के बाद पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया। वोटिंग के दो दिन बाद ही सैम पित्रोदा का बयान आ गया। पित्रोदा ने भारत की विविधता पर बात करते हुए कहा था, भारत में पूर्व के लोग चीनी जैसे लगते हैं, तो दक्षिण में लोग अफ्रीकी लगते हैं। पश्चिम भारत के लोग अरबी जैसे लगते हैं। उत्तर भारतीय गोरे होते हैं। उनके इस बयान को भाजपा ने 'नस्लीय टिप्पणी' बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने सैम के बयान को 'चमड़ी के रंग' और 'नस्लीय टिप्पणी' से जोड़ दिया।
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मोदी बोले, मैं आज बहुत गुस्से में हूं
बुधवार को तेलंगाना के करीमनगर में आयोजित एक जनसभा में मोदी ने कहा, मैं आज बहुत गुस्से में हूं। मुझे कोई गाली दे, मुझे गुस्सा नहीं आता। मैं सहन कर लेता हूं, लेकिन लेकिन आज 'शहजादे' के फिलॉस्फर (सैम पित्रोदा) ने इतनी बड़ी गाली दी है। इसने मुझमें गुस्सा भर दिया है। कोई मुझे ये बताए कि क्या मेरे देश में चमड़ी के आधार पर योग्यता तय होगी। संविधान सिर पर लेकर नाचने वाले लोग चमड़ी के रंग के आधार पर मेरे देशवासियों का अपमान कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, इन अंकल ने बड़ा रहस्य खोला है। जिनकी चमड़ी का रंग काला होता है, ये सब अफ्रीका के हैं। मेरे देश के लोगों को चमड़ी के आधार पर इतनी बड़ी गाली दे दी। अब मुझे समझ आया कि चमड़ी का रंग देखकर उन्होंने मान लिया कि द्रौपदी मुर्मू भी अफ्रीकी हैं, इसलिए उनकी चमड़ी का रंग काला है, तो उनको हराना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा, हम तो कृष्ण को पूजने वाले लोग हैं, जिमकी चमड़ी का रंग हम जैसा था। इसके बाद भाजपा के दूसरे नेताओं ने इस बयान को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। थोड़ी देर में सोशल मीडिया पर 'पित्रोदा' ट्रैंड करने लगा।
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काले धन के कितने बोरे भरकर आए हैं
कांग्रेस पार्टी ने 'पित्रोदा' के बयान की चुनावी मार भांपने में देर नहीं लगाई। जयराम रमेश ने इस बाबत मल्लिकार्जुन खरगे से बातचीत की। इसके बाद सोनिया गांधी, खरगे, राहुल गांधी और पार्टी केसी वेणुगोपाल की राय ली गई। जिस तरीके से पीएम मोदी, इस मुद्दे को नस्लीय टिप्पणी से जोड़ रहे थे, उसमें कांग्रेस को अपने लिए नुकसान नजर आया। सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर प्रियंका और राहुल ने भी बातचीत की। इसके बाद ही पित्रोदा को इस्तीफा देने के लिए कहा गया। मतदान के दूसरे और तीसरे चरण में कांग्रेस पार्टी को अपने लिए बढ़त नजर आई। तीसरे चरण के बाद ही पीएम मोदी ने भी कांग्रेस पर हमले तेज कर दिए। यहां तक कि बुधवार को पीएम मोदी ने अपनी एक जनसभा में अंबानी और अदानी का नाम लेते हुए कांग्रेस पर हमला बोल दिया। तेलंगाना के करीमनगर में मोदी ने कहा, जब से चुनाव घोषित हुआ है, इन्होंने (राहुल गांधी), अंबानी व अदाणी को गाली देना बंद कर दिया है। उन्होंने राहुल गांधी की तरफ इशारा करते हुए कहा, 'मैं आज तेलंगाना की धरती से पूछना चाहता हूं कि शहजादे घोषित करें, चुनाव में अंबानी, अदाणी से कितना माल उठाया है। काले धन के कितने बोरे भरकर आए हैं। आज टेंपो भरकर नोट कांग्रेस के लिए पहुंची है क्या।

राहुल ने दिया जवाब, थोड़ा सा घबरा गए क्या
पीएम मोदी के इस बयान पर, चुनाव में अंबानी, अदाणी से कितना माल उठाया है, राहुल गांधी ने बुधवार शाम को पलटवार किया। राहुल गांधी ने अपने एक वीडियो मैसेज में कहा, नमस्कार मोदी जी, थोड़ा सा घबरा गए क्या। आमतौर पर आप बंद कमरों में अदाणी और अंबानी की बात करते हो। आपने पहली बार पब्लिक में अंबानी, अदाणी बोला। आपको ये भी मालूम है कि ये टेम्पो में पैसा देते हैं। निजी अनुभव है क्या। राहुल ने कहा, एक काम कीजिए। सीबीआई और ईडी को इनके पास भेजिए। पूरी जानकारी एकत्र करिए। जांच करवाइए। जल्दी से जल्दी करवाइए। घबराइए मत मोदी जी। मैं देश को फिर दोहरा कर कह रहा हूं कि जितना पैसा नरेंद्र मोदी जी ने इनको दिया है न। उतना ही पैसा हम हिंदुस्तान के गरीबों को देने जा रहे हैं। इन्होंने 22 अरबपति बनाए हैं, हम करोड़ों लखपति बनाएंगे।

पिछले दिनों विरासत टैक्स पर दिया था ये बयान
पित्रोदा ने पिछले दिनों कहा था, अमेरिका में विरासत कर (टैक्स) लगता है। किसी के पास 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति है। अगर वो व्यक्ति मर जाता है, तो उसमें से केवल 45 फीसदी संपत्ति ही उसके बच्चों को ट्रांसफर होगी। बाकी राज्य के पास चली जाएगी। इस बयान पर भाजपा ने कांग्रेस पार्टी को घेरा था। जब यह मामला तूल पकड़ने लगा तो सैम पित्रोदा ने 'एक्स' पर सफाई दी। उन्होंने लिखा, मैंने टीवी पर अपनी सामान्य बातचीत में केवल एक उदाहरण के तौर पर अमेरिका में अमेरिकी 'विरासत टैक्स' का उल्लेख किया था। मैंने कहा कि ये ऐसे मुद्दे हैं जिन पर लोगों को चर्चा और बहस करनी होगी। इसका कांग्रेस समेत किसी भी पार्टी की नीति से कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने भी पित्रोद के बयान से खुद को अलग कर लिया है। इससे पहले भी पित्रोदा ने जब ऐसे बयान दिए हैं, पार्टी उनसे किनारा करती रही है। भाजपा ने उनके इस बयान को संपत्ति बांटने से जोड़ दिया। खुद पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस पार्टी आपकी संपत्ति को, ज्यादा बच्चों वाले लोगों में बांटना चाहती है। घुसपैठियों में आपकी संपत्ति बांटी जाएगी।


चर्चित रहा था पित्रोदा का बयान 'हुआ तो हुआ'
सैम पित्रोदा अपने बयानों से पहले भी कांग्रेस पार्टी के लिए मुसीबत खड़ी कर चुके हैं। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में एक ऐसा बयान दे दिया था, जिसे लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर खूब हमला किया। पित्रोदा ने चुनाव के बीच कहा था कि अब क्या है '1984' का। आपने (नरेंद्र मोदी) पांच साल में क्या किया, अब उसकी बात करिए। 1984 में जो हुआ, वो हुआ। पित्रोदा ने यहां पर 1984 के दंगों को लेकर बयान दिया था। भाजपा में पीएम मोदी से लेकर निचले स्तर तक के कार्यकर्ता ने उस बयान को 'हुआ तो हुआ' नाम से लोगों के बीच पहुंचाया था। पित्रोदा के उस बयान के सियासी नुकसान को भांपते हुए कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि सैम पित्रोदा ने 1984 दंगों पर जो बयान दिया है, वह पार्टी का बयान नहीं है। दूसरी तरफ पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की एक रैली में कहा था, कांग्रेस पार्टी आजकल न्याय की बात करने लगी है। इस पार्टी को 1984 के दंगों का हिसाब देना होगा।
 
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