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सबरीमाला: फैसले के खिलाफ दायर 50 पुनर्विचार याचिकाओं पर 6 फरवरी को सुनवाई
Fri, 01 Feb 2019 05:57 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Fri, 01 Feb 2019 05:57 AM IST
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सबरीमाला मंदिर
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सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर पर फैसले के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं पर 6 फरवरी को सुनवाई करने का निर्णय लिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ करीब 50 याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। संविधान पीठ में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस रोहिंग्टन एफ नरीमन, एएम खानविलकर, इंदू मल्होत्रा और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ होंगे। जस्टिस इंदू मल्होत्रा के चिकित्सकीय अवकाश पर होने के कारण 22 जनवरी को होने वाली सुनवाई टालनी पड़ी थी।
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पिछले साल 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सभी उम्र की महिलाओं को केरल स्थित सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति दे दी थी। शीर्ष अदालत ने 10 से 50 आयु वर्ग की महिलाओं के भगवान अयप्पा के इस मंदिर में प्रवेश पर पाबंदी की सदियों पुरानी प्रथा को गैरकानूनी व असंवैधानिक करार दिया था।
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लेकिन इस आदेश के बावजूद महिलाओं के मंदिर में प्रवेश को लेकर लगातार विरोध हो रहा है। जस्टिस इंदू मल्होत्रा संविधान पीठ में एक मात्र जज हैं, जिन्होंने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक का समर्थन करते हुए बाकी चार जजों से अलग फैसला दिया था।
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