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सबरीमाला: एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण अधिसूचना पर स्थगन आदेश; CM विजयन की सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक
Thu, 25 Apr 2024 05:20 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि (केरल)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि (केरल)
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 25 Apr 2024 05:20 PM IST
सार
केरल सरकार को हाईकोर्ट के फैसले से झटका लगा है। सबरीमाला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बाद सरकार फिलहाल एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण नहीं कर सकेगी।
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केरल उच्च न्यायालय (फाइल)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
केरल में मुख्यमंत्री पिनारई विजयन की सरकार ने सबरीमाला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने को लेकर अधिसूचना जारी की है। हाईकोर्ट ने इस आदेश पर आगे की कार्रवाई रोक दी है। हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बाद फिलहाल राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण को लेकर आगे की कार्रवाई नहीं कर सकेगी। अदालत ने आयाना चैरिटेबल ट्रस्ट की तरफ से दायर याचिका पर गुरुवार को आदेश पारित किया।
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मालिकाना हक निर्धारित करने की प्रक्रिया पर सवाल
प्रस्तावित सबरीमाला ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण अधिसूचना की वैधता को चुनौती देने वाले ट्रस्ट की याचिका में एयरपोर्ट निर्माण के लिए नामित चेरुवली एस्टेट के निर्विवाद स्वामित्व का दावा किया गया था। जस्टिस विजू अब्राहम की पीठ से पारित स्थगन आदेश में जमीन के मालिकाना हक निर्धारित करने की प्रक्रिया की वैधता पर सवाल खड़े किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल मार्च में सरकार ने 441 खातेदारों की एक हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन अधिग्रहण करने के बाद अधिसूचना जारी की थी। प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं के कारण आगे की कार्यवाही रोक दी गई थी।
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भूमि अधिग्रहण अधिसूचना गैरकानूनी क्यों? ट्रस्ट ने हाईकोर्ट में पेश की दलीलें
अयाना चैरिटेबल ट्रस्ट को पहले बिलीवर्स चर्च के तहत गॉस्पेल फॉर एशिया नाम से जाना जाता था। हाईकोर्ट में दायर याचिका में अयाना ट्रस्ट ने एयरपोर्ट निर्माण के लिए निर्धारित चेरुवली एस्टेट पर निर्विवाद स्वामित्व का दावा किया। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार की तरफ से भूमि अधिग्रहण अधिसूचना गैरकानूनी है। सरकार उनके स्वामित्व को स्वीकार नहीं करती है, ऐसे में भूमि अधिग्रहण भी अवैध हो जाता है।
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11 साल पुराने कानून के तहत मुआवजा देने का एलान
गौरतलब है कि सरकार ने 13 मार्च, 2024 को जारी अधिसूचना में एयरपोर्ट के लिए 1000.28 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अनिवार्य कर दिया। इसमें चेरुवली एस्टेट की 2264.09 एकड़ जमीन के साथ-साथ एरुमेली दक्षिण और मणिमाला गांवों की जमीन भी शामिल है। सरकार के मुताबिक 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जमीन के मालिकों को मुआवजा दिया जाएगा। अधिसूचना अधिग्रहण की जाने वाली जमीन के विवरण के साथ प्रकाशित की गई थी। कोट्टायम के विशेष तहसीलदार को अधिग्रहण प्रक्रिया के लिए कलेक्टर और उप कलेक्टर को योजना का प्रशासक बनाया गया था।