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Politics: 'भारत-चीन संबंध सामान्य होने की आशा, सुरक्षा का मुद्दा यूरेशिया के लिए भी अहम'; रूसी राजदूत का बयान
Mon, 08 Jan 2024 03:28 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 08 Jan 2024 03:28 PM IST
सार
भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने यूरेशिया की सुरक्षा के मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने एशिया की दो बड़ी ताकतों- भारत और चीन के रिश्ते जल्द सामान्य होने की उम्मीद भी जाहिर की। उन्होंने पश्चिमी देशों की नीतियों पर नाम लिए बिना हमला बोला।
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भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव
- फोटो : ANI
विस्तार
रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में- थिंक टैंक- विवेकानंद इंटरनेशनल के एक कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय रिश्तों और राजनीतिक हालात पर बयान दिए। उन्होंने कहा कि एशिया की दो सबसे पुरानी सभ्यताओं में गिनी जाने वाली- भारत और चीन के आपसी संबंध जल्द सामान्य होंगे, रूस इसे लेकर आशान्वित है। उन्होंने यूरेशिया में सुरक्षा और चीन को लेकर पश्चिमी देशों की तरफ से होने वाली बयानबाजी को लेकर भी टिप्पणी की।
अंतरराष्ट्रीय संबंधों के नए आयाम स्थापित होंगे
उन्होंने कहा कि भारत और चीन के पास अद्वितीय राजनीतिक ज्ञान और समझ है। दोनों बड़ी सभ्यताएं भी हैं। ऐसे में रूस को पूरी उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े गतिरोध और विवाद का जल्द समाधान होगा। आपसी सम्मान और द्विपक्षीय संबंधों का ध्यान रखते हुए दोनों देशों का रिश्ता सामान्य होगा, और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के नए आयाम स्थापित होंगे, रूस को इस बात की पूरी आशा है।
रूसी राजदूत के मुताबिक अविभाजित सुरक्षा का मुद्दा भी दोनों देशों के लिए अहम है। यूरेशिया के लिए भी सुरक्षा और शांति का मुद्दा बेहद अहम है। चीन की आड़ में पश्चिमी देश अशांति पैदा करने का प्रयास करते हैं। उन्हें पूरी उम्मीद है कि दोनों देशों का काबिल नेतृत्व टकराव को भुलाकर समावेशी बातचीत की पहल करेंगे। उन्हें पारस्परिक सामंजस्य की नीति अपनाए जाने की भी पूरी उम्मीद है।
दोनों देशों के बीच रिकॉर्ड वार्षिक व्यापार
उन्होंने भारत और रूस के द्विपक्षीय संबंधों पर भी बात की। राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा, 'मैं रूस-भारत द्विपक्षीय संबंध और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में आए मजबूत बदलाव को उजागर करना चाहूंगा। दोनों देशों के बीच रिकॉर्ड वार्षिक व्यापार की मात्रा 2023 में अभूतपूर्व 54 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई। उन्होंने कहा, रूस अब शीर्ष चार व्यापार भागीदारों में शामिल है। दोनों देश संयुक्त विकास पर काम कर रहे हैं। दोनों देश मिलकर सबसे उन्नत रक्षा प्रणालियों का विकास कर रहे हैं। रूस मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल में सक्रिय योगदान दे रहा है।
रूस-भारत संबंध बहुआयामी और मजबूत
अलीपोव ने कहा, रूस और भारत का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार में विविधता लाना और इसके असंतुलन को ठीक करना है। भुगतान प्रणाली, बीमा, लॉजिस्टिक्स आदि क्षेत्रों में अनुकूल परिस्थितियां बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद, रूस-भारत संबंध बहुआयामी और मजबूत बने हुए हैं। साझा दृष्टिकोण में योगदान देने वाले स्पष्ट पारस्परिक हित और विश्वास के आधार पर संबंध और मजबूत होंगे।
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अंतरराष्ट्रीय संबंधों के नए आयाम स्थापित होंगे
उन्होंने कहा कि भारत और चीन के पास अद्वितीय राजनीतिक ज्ञान और समझ है। दोनों बड़ी सभ्यताएं भी हैं। ऐसे में रूस को पूरी उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े गतिरोध और विवाद का जल्द समाधान होगा। आपसी सम्मान और द्विपक्षीय संबंधों का ध्यान रखते हुए दोनों देशों का रिश्ता सामान्य होगा, और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के नए आयाम स्थापित होंगे, रूस को इस बात की पूरी आशा है।
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पारस्परिक सामंजस्य की नीति पर भरोसा#WATCH | At an event in Delhi, Russian Ambassador to India, Denis Alipov says, "We are hopeful that India and China as major civilizations possessing unique political wisdom will find ways to achieve the progress in the border issue, and the normalization of bilateral ties based… pic.twitter.com/BXozWf4xX0
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 8, 2024
रूसी राजदूत के मुताबिक अविभाजित सुरक्षा का मुद्दा भी दोनों देशों के लिए अहम है। यूरेशिया के लिए भी सुरक्षा और शांति का मुद्दा बेहद अहम है। चीन की आड़ में पश्चिमी देश अशांति पैदा करने का प्रयास करते हैं। उन्हें पूरी उम्मीद है कि दोनों देशों का काबिल नेतृत्व टकराव को भुलाकर समावेशी बातचीत की पहल करेंगे। उन्हें पारस्परिक सामंजस्य की नीति अपनाए जाने की भी पूरी उम्मीद है।
दोनों देशों के बीच रिकॉर्ड वार्षिक व्यापार
उन्होंने भारत और रूस के द्विपक्षीय संबंधों पर भी बात की। राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा, 'मैं रूस-भारत द्विपक्षीय संबंध और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में आए मजबूत बदलाव को उजागर करना चाहूंगा। दोनों देशों के बीच रिकॉर्ड वार्षिक व्यापार की मात्रा 2023 में अभूतपूर्व 54 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई। उन्होंने कहा, रूस अब शीर्ष चार व्यापार भागीदारों में शामिल है। दोनों देश संयुक्त विकास पर काम कर रहे हैं। दोनों देश मिलकर सबसे उन्नत रक्षा प्रणालियों का विकास कर रहे हैं। रूस मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल में सक्रिय योगदान दे रहा है।
रूस-भारत संबंध बहुआयामी और मजबूत
अलीपोव ने कहा, रूस और भारत का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार में विविधता लाना और इसके असंतुलन को ठीक करना है। भुगतान प्रणाली, बीमा, लॉजिस्टिक्स आदि क्षेत्रों में अनुकूल परिस्थितियां बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद, रूस-भारत संबंध बहुआयामी और मजबूत बने हुए हैं। साझा दृष्टिकोण में योगदान देने वाले स्पष्ट पारस्परिक हित और विश्वास के आधार पर संबंध और मजबूत होंगे।