रूस ने कहा, भारत के साथ रक्षा संबंध अच्छी तरह से आगे बढ़ रहे हैं
रूस ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों के खतरे के बावजूद एस-400 मिसाइल प्रणाली की पहली खेप की आपूर्ति समेत भारत के साथ रक्षा सौदों का कार्यान्वयन अच्छी तरह आगे बढ़ रहा है। रूसी राजदूत निकोले कुदाशेव ने संवाददाता सम्मेलन में 2.5 अरब डॉलर के समझौते के तहत एस-400 मिसाइल प्रणाली की खरीद के लिए तुर्की पर अमेरिकी प्रतिबंधों की निंदा और उन्होंने कहा कि रूस इस तरह की एकतरफा कार्रवाइयों को मान्यता नहीं देता है।
Russia says implementation of its ongoing defence deals with India including supply of a batch of S-400 missile systems is advancing well notwithstanding the threat of US sanctions
— Press Trust of India (@PTI_News) December 21, 2020विज्ञापन
उन्होंने कहा, 'हम एकतरफा प्रतिबंधों को अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय संबंधों के एक उपकरण या साधन के रूप में मान्यता नहीं देते हैं या उनका स्वागत नहीं करते हैं।' कुदाशेव ने कहा, 'जहां तक भारत का सवाल है, हम एक ही मंच साझा करते हैं। भारत की स्थिति भी स्पष्ट है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के अलावा किसी भी प्रतिबंध को स्वीकार नहीं किया गया है। जो कुछ भी भविष्य में है, हम मानते हैं कि हमारे संबंध आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।'
अमेरिका ने सोमवार को अपने नाटो सहयोगी तुर्की पर रूस की उन्नत एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली की खरीद के लिए ‘काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट’ (सीएएटीएसए) के तहत प्रतिबंध लगा दिए थे।तुर्की पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों पर कुदाशेव की प्रतिक्रिया पूछी गई थी। रूसी मिशन के उपप्रमुख रोमन बबुशिकन ने कहा कि अमेरिका रूस से हथियारों की खरीद को लेकर प्रतिबंधों का इस्तेमाल 'अवैध साधन' के रूप में कर रहा है।
उन्होंने कहा, 'जहां तक एस-400 मिसाइल प्रणाली समेत मौजूदा सौदों की बात है तो हम ठीक प्रकार से आगे बढ़ रहे हैं। यदि कामोव का -226 हेलीकॉप्टरों और एके -203 राइफलों के उत्पादन से संबंधित कार्यों को शुरू करने के लिए प्रासंगिक निर्णय शीघ्र किए जाते हैं, तो जल्द ही हम अच्छी प्रगति देखेंगे।' उन्होंने कहा कि भारत-रूस संबंध दोनों देशों की विकास रणनीतियों का एक अभिन्न हिस्सा बन गए हैं।