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रूस ने कहा: भारत भरोसेमंद साथी, पाकिस्तान के साथ रिश्ते बेहद सीमित
Thu, 15 Apr 2021 02:48 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 15 Apr 2021 02:48 AM IST
सार
- रूसी मिशन के डिप्टी चीफ ने कहा, भारत-पाक के मुद्दों में दखल देने का इरादा नहीं
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सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : iStock
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विस्तार
रूस ने भारत को ‘भरोसेमंद साथी’ बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कई मतभेद या गलतफहमी नहीं है। स्वतंत्र संबंधों के आधार पर पाकिस्तान के साथ बेहद सीमित सहयोग है। नियंत्रण रेखा पर भारत व पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के फैसले से क्षेत्र में स्थिरता आएगी।
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रूसी मिशन के डिप्टी चीफ रोमन बाबुश्किन ने बुधवार को कहा, हम सभी शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई व अन्य चुनौतियों समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग करते हैं। भारत की तुलना में पाकिस्तान के साथ रूस के रिश्ते सीमित हैं।
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हालांकि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई हमारा सामान्य एजेंडा है। लिहाजा हम पाकिस्तान को आतंकवाद रोधी उपकरण मुहैया करा रहे हैं और उसके साथ अभ्यास कर रहे हैं।
हाल ही में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के पाकिस्तान दौरे को लेकर बाबुश्किन ने कहा, इसका किसी अन्य देश के साथ संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस दौरे को भारत-रूस के संबंधों के नजरिये से देखा नहीं जाना चाहिए। रूस 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर समझौते का सम्मान करता है, लिहाज उसका भारत-पाकिस्तान के मुद्दों में दखल देने का कोई इरादा नहीं है।
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वहीं, रूसी राजनयिक निकोलय कुदाशेव ने कहा कि भारत हमारा विश्वसनीय साझीदार है और दोनों देशों के बीच संबंध समान, मजबूत और व्यापक हैं। हाल ही में विदेश मंत्री के भारत दौरे पर इसकी झलक दिखी।
एस-400 मिसाइल सिस्टम के सौदे को प्रतिबद्ध
कुदाशेव ने कहा, रूस और भारत एस-400 मिसाइल सौदे को लेकर समयसीमा व अन्य दायित्वों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दरअसल हाल ही में ऐसी खबरें थीं कि एस-400 सौदे को लेकर अमेरिका भारत पर प्रतिबंध लगा सकता है।
इस पर रूसी राजनयिक ने कहा, भारत और रूस द्विपक्षीय प्रतिबंधों को मान्यता नहीं देते हैं क्योंकि ये गैर कानूनी और अनुचित प्रतिस्पर्धा व दबाव के अवैध माध्यम हैं। जहा तक एस-400 मिसाइल प्रणाली और व्यापक समझौते का संबंध है, दोनों पक्ष इसको लेकर प्रतिबद्ध हैं। यह करार सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
विश्व व्यवस्था को एकतरफा कार्रवाई, अवैध प्रतिबंधों, दोहरे मानदंडों और संप्रभु देशों के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप से मुक्त रखना चाहिए। भारत ने रूस के साथ पांच एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए 5 अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
पूर्वी लद्दाख में सेना हटने से उत्साहित
बाबुश्किन ने कहा, रूस पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हो रहे घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है। भारत और चीन द्वारा सैनिकों को पीछे हटाने की कोशिशों से हम उत्साहित हैं और यह रचनात्मक बातचीत को बढ़ावा देगा।
पिछले हफ्ते, भारत और चीनी की सेना के बीच कोर कमांडर लेवल की 11वें चरण की वार्ता हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने, किसी नई घटना को नहीं होने देने और लंबित समस्याओं के त्वरित समाधान पर सहमति जताई थी।