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Data Security Act: इस साल आ सकते है डिजिटल डेटा सुरक्षा कानून के नियम, यहां तक पहुंची IT मंत्रालय की तैयारी
Fri, 15 Nov 2024 04:29 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 15 Nov 2024 04:29 PM IST
सार
Digital Data Security Law: दरअसल, केंद्र सरकार ने इन कानूनों को अगस्त 2023 में संसद से पारित किया था। लेकिन ये कानून आज तक लागू नहीं हो सके। क्योंकि इन सरकार को नियमों को ही तैयार करने में करीब एक साल से ज्यादा का वक्त लगाया हैं।
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डेटा सुरक्षा अधिनियम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने डिजिटल पर्सनल डेटा सुरक्षा कानून (डीपीडीपी) के नियमों के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया है। सरकार इन नियमों को इसी महीने के अंत तक प्रकाशित कर सकती है। हालांकि डीपीडीपी नियमों की अधिसूचना जनवरी 2025 में जारी की जा सकती है। क्योंकि इन नियमों के प्रकाशित होने के बाद इस पर परामर्श प्रक्रिया शुरू होगी।
दरअसल, केंद्र सरकार ने इन कानूनों को अगस्त 2023 में संसद से पारित किया था। लेकिन ये कानून आज तक लागू नहीं हो सके। क्योंकि इन सरकार को नियमों को ही तैयार करने में करीब एक साल से ज्यादा का वक्त लगाया हैं। लेकिन अब ये नियम बनकर पूरी तरह से तैयार है। झारखंड और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद डेट सुरक्षा के नियमों को जल्द ही जारी किया जा सकता है।
डेटा सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार के नए नियम पूरी तरह स्पष्ट होंगे। कानून में कोई अतिरिक्त पहलू नहीं होगा। सरकार ने इन नियमों के लिए कोई आधिकारिक समयसीमा तय नहीं की है। कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए डेटा सुरक्षा अनिवार्य बनाया जाएगा और इसकी मदद से पर्सनल डेटा उल्लंघन के मामले को रोकने में मदद मिलेगी।
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इन प्रावधान लागू होने के बाद डीपीडीपी कानून, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 43 ए और सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2011 की जगह लेगा। इस कानून में कहा गया है कि पर्सनल डेटा को केवल वैध उद्देश्य के लिए ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके लिए भी संबंधित व्यक्ति से उसकी सहमति लेनी होगी। सरकार ने इसके साथ ही डेटा संग्रह की सीमा भी तय की है। यानी आवश्यक होने पर ही निजी डेटा एकत्र किया जाना चाहिए। संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी और महत्त्वपूर्ण व्यक्तिगत डेटा जैसी उप-श्रेणियां बनाए बिना, यह कानून सभी प्रकार के पर्सनल डेटा पर लागू होगा।
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दरअसल, केंद्र सरकार ने इन कानूनों को अगस्त 2023 में संसद से पारित किया था। लेकिन ये कानून आज तक लागू नहीं हो सके। क्योंकि इन सरकार को नियमों को ही तैयार करने में करीब एक साल से ज्यादा का वक्त लगाया हैं। लेकिन अब ये नियम बनकर पूरी तरह से तैयार है। झारखंड और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद डेट सुरक्षा के नियमों को जल्द ही जारी किया जा सकता है।
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डेटा सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार के नए नियम पूरी तरह स्पष्ट होंगे। कानून में कोई अतिरिक्त पहलू नहीं होगा। सरकार ने इन नियमों के लिए कोई आधिकारिक समयसीमा तय नहीं की है। कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए डेटा सुरक्षा अनिवार्य बनाया जाएगा और इसकी मदद से पर्सनल डेटा उल्लंघन के मामले को रोकने में मदद मिलेगी।
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इन प्रावधान लागू होने के बाद डीपीडीपी कानून, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 43 ए और सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2011 की जगह लेगा। इस कानून में कहा गया है कि पर्सनल डेटा को केवल वैध उद्देश्य के लिए ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके लिए भी संबंधित व्यक्ति से उसकी सहमति लेनी होगी। सरकार ने इसके साथ ही डेटा संग्रह की सीमा भी तय की है। यानी आवश्यक होने पर ही निजी डेटा एकत्र किया जाना चाहिए। संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी और महत्त्वपूर्ण व्यक्तिगत डेटा जैसी उप-श्रेणियां बनाए बिना, यह कानून सभी प्रकार के पर्सनल डेटा पर लागू होगा।