आधुनिक संविधानों का सबसे बुनियादी लक्षण है कानून का शासन : सीजेआई बोबडे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सम्मेलन में देश के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा, दुनिया के आधुनिक संविधानों का सबसे बुनियादी लक्षण कानून का शासन है। इसकी कामयाबी इस पर निर्भर है कि दुनिया में न्यायपालिका उभरती हुई चुनौतियों से किस तरह से निपटती है। सांविधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए जस्टिस बोबडे ने कहा, कानूनी अधिकार तथा कानूनी कर्तव्य एक-दूसरे से जुडे़ हैं।
जस्टिस बोबडे ने कहा, संविधान के तहत नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों के लक्षण की अक्सर उपेक्षा कर दी जाती है, जबकि इसके आदर्शों का आदर किया जाना चाहिए। वास्तविक अधिकार कर्तव्य के प्रदर्शन के नतीजा है। 50 से ज्यादा देशों के संविधान में मौलिक कर्तव्य को लेकर खास प्रावधान हैं। महात्मा गांधी के एक कथन का हवाला देते हुए जस्टिस बोबडे ने कहा, अधिकार हासिल करने की कवायद कर्तव्य की समझ पर निर्भर करती है।
आदेश किसी क्षेत्र तक सीमित नहीं
सीजेआई ने तकनीकी विकास का जिक्र करते हुए कहा, अब पूरी दुनिया आपस में जुड़ी है। कहीं किसी एक कोने में छोटे से परिवर्तन से बाकी दुनिया में बदलाव हो सकते हैं। दुनियाभर की न्यायपालिकाएं ऐसे बदलावों का सामना कर रही हैं, जिसे अधिकार क्त्रसंति, एक प्रौद्योगिकी क्त्रसंति और जनसांख्यिकीय क्त्रसंति कहा जा सकता है। हमारे फैसले केवल उन लोगों को प्रभावित नहीं करते जो हमारे अधिकार क्षेत्र में रहते हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहली बार आयोजित ऐसी कॉन्फ्रेंस में 20 देशों के जज शामिल हुए हैं।