केरल में दायर हुई पीएम मोदी की नागरिकता जानने की आरटीआई
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केरल के एक कार्यकर्ता ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत केरल के सूचना विभाग में एक आरटीआई दाखिल करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नागरिकता पूछी है। कार्यकर्ता यह जानना चाहता है कि प्रधानमंत्री भारतीय नागरिक हैं या नहीं।
इस कार्यकर्ता का नाम जोश कल्लूवीत्तिल है। वह त्रिशूर जिले के चालक्कुडी शहर का निवासी है। उससे इस संबंध में 13 जनवरी को आवेदन किया था। अपने आवेदन में उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेज मांगे हैं। आवेदन को चालक्कुडी नगरपालिका के सार्वजनिक सूचना अधिकारी के समक्ष दायर किया गया है।
क्या है आरटीआई आवेदन पर कार्रवाई की प्रक्रिया
देश के सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के मकसद से साल 2005 में सूचना का अधिकार लागू किया गया था। इसके तहत भारतीय नागरिक किसी भी सरकारी विभग की जानकारी हासिल कर सकते हैं। आरटीआई अधिनियम की धारा छह के अनुसार केंद्र सरकार या राज्य सरकार के संबंधित विभाग के लोक सूचना अधिकारी या सहायक लोक सूचना अधिकारी को आवेदन देना होता है।
सूचना के लिए समय भी है निर्धारित
आरटीआई की धारा सात के तहत 30 दिनों के अंदर सूचना दिए जाने का प्रावधान है। यदि सूचना किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से संबधित है तो ऐसी सूचना को 48 घंटे के अंदर दिए जाने का नियम है। कानून की धारा 20 के अनुसार निर्धारित समयसीमा में सूचना न देने वाले अधिकारी पर रोजाना 250 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। हालांकि यह रकम 25 हजार रुपये से ज्यादा नहीं हो सकती।