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सूचना आयुक्त आचार्युलु के समर्थन में उतरे आरटीआई कार्यकर्ता
अमित कुमार निरंजन/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 19 Jan 2017 09:49 PM IST
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पीएम की डिग्री का आदेश देने से चर्चा में आए केन्द्रीय सूचना आयुक्त के समर्थन में तमाम आरटीआई एक्टिविस्टों ने आवाज उठानी शुरू कर दी है। डिग्री दिखाने का आदेश देने के बाद सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी बदले जाने से नाराज आरटीआई एक्टिविस्टों ने सीआईसी के मुख्य सूचना आयुक्त को पत्र लिखा। अंजलि भरद्वाज, अरुणा रॉय, निखिल डे, पूर्व सूचना आयुक्त शैलेश गांधी सहित एक दर्जन आरटीआई कार्यकताओं ने संयुक्त रूप से पत्र लिखकर इस आदेश का विरोध किया है।
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आरटीआई कार्यकर्ताओं ने मुख्य सूचना आयुक्त आरके माथुर को गुरुवार को इस आदेश के खिलाफ पत्र लिखा। उन्होंने पत्र में कहा है कि सूचना आयुक्त प्रोफेसर श्रीधर आचार्युलु की जिस तरह से जिम्मेदारी बदली गई वह गलत है।
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पीएम नरेन्द्र मोदी की बीए की डिग्री की जानकारी पहले से ही सार्वजनिक है कि उन्होंने 1978 में दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की है। इसके अलावा चुनाव आयोग को सौंपे गए हलफनामे में भी इस डिग्री का जिक्र किया गया है। पत्र में लिखा है कि केन्द्रीय सूचना आयोग का यह तरीका किसी राजनैतिक दबाव से प्रेरित लगता है और आयोग के मुख्य ढांचे को प्रभावित करता है। पत्र में मांग की गई है कि सूचना आयुक्त आचार्युलु की जिम्मेदारी बदलने का आदेश देने के पीछे की वजह सार्वजनिक तौर पर देनी चाहिए।
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गौरतलब है कि प्रोफेसर आचार्युलु तब चर्चा में आए थे जब अरविन्द केजरीवाल के पत्र को संज्ञान में लेकर पीएम मोदी की डिग्री दिखाने का आदेश दिल्ली विश्वविद्यालय और गुजरात विश्वविद्यालय को दिया था। इसी तरह के एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय को आवेदक को 1978 बैच की सभी डिग्री दिखाने का आदेश दिया। इस आदेश के कुछ ही दिन के अंदर सूचना आयुक्त से एचआरडी मंत्रालय की जिम्मेदारी ले ली गई। जबकि 29 दिसंबर 2016 तक आचार्युलु इस तरह के मामले की सुनवाई कर रहे थे।