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सलाह: आरएसएस ने कहा, बेरोजगारी दूर करने के लिए अपनाएं भारतीय आर्थिक मॉडल
Tue, 15 Mar 2022 05:35 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 15 Mar 2022 05:35 AM IST
सार
अहमदाबाद में संपन्न हुई संघ की तीन दिवसीय बैठक के अंतिम दिन अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में देश को आत्मनिर्भर बनाने और बेरोजगारी की समस्या को हल के लिए भारत केंद्रित आर्थिक मॉडल अपनाने और अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रस्ताव भी पारित किया। यह पहली बार है जब संघ ने हिंदुत्व के इतर बेरोजगारी-महिला जैसे मुद्दे पर अपना ध्यान केंद्रित किया है।
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संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले।
- फोटो : Twitter@RSSorg
विस्तार
देश को आत्मनिर्भर बनाने और बेरोजगारी की समस्या के हल के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भारत केंद्रित आर्थिक मॉडल अपनाने और अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
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अहमदाबाद में संपन्न हुई संघ की तीन दिवसीय बैठक के अंतिम दिन अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में इस आशय का प्रस्ताव भी पारित किया गया। यह पहली बार है जब संघ ने हिंदुत्व के इतर बेरोजगारी-महिला जैसे मुद्दे पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि कोरोना महामरी के दौरान बड़े स्तर पर रोजगार कम हुए।
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हालांकि इसी दौरान कुछ वर्गों ने रोजगार के बने नए अवसरों का लाभ भी उठाया। रोजगार का अवसर बढ़ाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने केलिए सभा की राय है कि भारतीय आर्थिक मॉडल पर जोर दिया जाना चाहिए। ऐसा मॉडल जो मानव केंद्रित, श्रम गहन, पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ विकेंद्रीकरण और लाभों के समान वितरण पर जोर देता है। ऐसा मॉडल जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सूक्ष्म-लघु उद्योगों को बढ़ावा देता है।
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बेरोजगारी और महिलाओं के विषय प्रमुखता से उठे
संघ इससे पहले स्वदेशी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सवाल उठाता रहा है। सभा की बैठकों का मुख्य केंद्र हिंदुत्व ही रहा है। इस तीन दिवसीय बैठक में भी संघ ने हिंदुत्व के मुद्दे के तहत धार्मिक कट्टरता, धर्मांतरण जैसे मुद्दे उठाए। हालांकि पहली बार युवाओं और महिलाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए बेरोजगारी और महिला भागदारी को बढ़ाने संंबंधी सवाल को अपने प्रस्ताव में जगह दी।