{"_id":"6891f65522b6e2e019083741","slug":"rss-organize-programs-in-more-than-a-thousand-places-across-the-country-mohan-bhagwat-will-tell-about-work-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"RSS: पूरे देश में एक हजार से अधिक जगहों पर कार्यक्रम करेगा आरएसएस, मोहन भागवत बताएंगे संघ के काम","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
RSS: पूरे देश में एक हजार से अधिक जगहों पर कार्यक्रम करेगा आरएसएस, मोहन भागवत बताएंगे संघ के काम
Tue, 05 Aug 2025 09:44 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 05 Aug 2025 09:44 PM IST
विज्ञापन
मोहन भागवत (फाइल)
- फोटो : एएनआई
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने मंगलवार को कहा कि संघ अपने शताब्दी वर्ष में एक हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसमें देश के 138 से अधिक वर्गों-उपवर्गों के लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में संघ के पदाधिकारी लोगों को संघ के कार्यों और उसके उद्देश्यों के बारे में जानकारी देंगे। चार सबसे प्रमुख कार्यक्रम दिल्ली, कोलकाता, बंगलुरू और मुंबई में होंगे। इन कार्यक्रमों को मोहन भागवत संबोधित करेंगे। दिल्ली के कार्यक्रम में विदेशी राजनयिकों को भी आमंत्रित किया जायेगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि दिल्ली के विज्ञान भवन में 26-28 अगस्त को तीन दिवसीय संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी तरह का एक कार्यक्रम 2018 में भी आयोजित किया गया था। इसके अलावा नवम्बर में बंगलौर, कोलकाता और अंत में फरवरी में मुंबई में कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। इस दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत लोगों के सामने संघ के कार्यों के बारे में विस्तार से बताएंगे। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबोले भी कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
विज्ञापन
'सौ वर्ष की संघ यात्रा और नए क्षितिज' नाम से इन कार्यक्रमों का आयोजन होगा जिसमें अंतिम दिन मोहन भागवत लोगों के प्रश्नों के जवाब भी देंगे। इस कार्यक्रम में समाज के 17 प्रमुख वर्गों और 138 उपवर्गों के लोगों को आमंत्रित किया जायेगा। इसमें धार्मिक, आध्यात्मिक, औद्योगिक और अन्य क्षेत्रों के लोगों को आमंत्रित किया जायेगा। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सोशल मीडिया से सबके लिए उपलब्ध होगा।
विज्ञापन
आरएसएस का विचार है कि अभी भी कई क्षेत्रों में औपनिवेशिक काल के पैमानों के आधार पर कार्यों-व्यक्तियों का मूल्यांकन किया जाता है। संघ का विचार है कि इससे आगे बढ़कर भारत के मानकों के गठन और उनको व्यवहार में पालन की तरफ समाज को प्रेरित किया जाना चाहिए।