RSS: संघ की बैठक में मणिपुर हिंसा, संदेशखाली-किसान आंदोलन पर होगा फोकस, लोकसभा चुनाव की कुछ ऐसी है प्लानिंग
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विस्तार
लोकसभा चुनावों के एलान से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक शुक्रवार को नागपुर में शुरू हो गई। 17 मार्च तक चलने वाली यह बैठक हर वर्ष आयोजित होती है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा लोकसभा चुनाव 2024 होगा। इसके अलावा संदेशखाली, किसान आंदोलन, मणिपुर हिंसा जैसी घटना भी इस एजेंडे में शामिल होगी। संघ अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष शामिल भी होंगे।
संघ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर आरएसएस बीते तीन वर्षों से चर्चा कर रहा है। चुनावों में हर क्षेत्र में 100 फीसदी वोटिंग कैसे हो, इस रणनीति पर जरूर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा जो योजना चुनाव के लिए बनाई गई है, उसे जमीनी स्तर पर कैसे लागू किया जाए। इसे लेकर विस्तार से चर्चा होगी। चुनावों को ध्यान में रखते हुए सभी को क्षेत्रवार काम भी बांटा जाएगा। संदेशखाली जैसी घटना बैठक का एजेंडा होगी।
संदेशखाली के मुद्दे पर बंगाल प्रांत की तरफ से एक विस्तृत रिपोर्ट भी दी जाएगी। इसके अलावा पंजाब के किसान आंदोलन के मुद्दे पर भी संघ की बैठक में चर्चा होगी। इस पर पंजाब की लोकल यूनिट से फीडबैक लिया जा सकता हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण विषय आदिवासियों के धर्मांतरण का मुद्दा है। जनजातीय लोगों में धर्मांतरण को लेकर संघ का संगठन वनवासी कल्याण आश्रम अपनी रिपोर्ट पेश कर सकता है। बैठक में एक और बड़ा फैसला सरकार्यवाह के चुनाव पर होगा। अभी इस पद पर दत्तात्रेय होसबोले हैं। इसके अलावा मणिपुर हिंसा और संगठन के प्रचार-प्रसार की योजना पर बात होगी।
सूत्रों का कहना है कि राम मंदिर आंदोलन का परिणाम आ चुका है। इसका पूरा श्रेय विश्व हिंदू परिषद को जाता है। चूंकि अब राम मंदिर का काम तेजी से चल रहा है। लिहाजा अब वीएचपी के लिए किसी नए और बड़े टारगेट की योजना पर भी बात हो सकती है।
छह वर्ष बाद नागपुर में बैठक
हर तीन वर्ष के बाद आरएसएस में सरकार्यवाह चुनाव होता है। चुनावी वर्ष की सभा नागपुर में की जाती है। लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से तीन वर्ष पहले यह बैठक नागपुर की जगह बेंगलुरु में आयोजित की गई थी। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि ये बैठक 6 वर्ष बाद नागपुर में हो रही है। आमतौर पर प्रतिनिधि सभा की बैठक हर वर्ष अलग-अलग राज्यों में होती है। लेकिन हर तीसरे वर्ष नागपुर में होती है। नागपुर की बैठक में जो नए सरकार्यवाह बनेंगे, वह अपनी कार्यकारिणी का भी गठन करते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस पर चर्चा हो चुकी है। उम्मीद है कि दत्तात्रेय होसबाले ही दोबारा इस पद के लिए चुने जाएंगे। ये चुनावी साल है। लिहाजा किसी और दूसरे नाम को लेकर फिलहाल चर्चा नहीं हुई है। दत्तात्रेय होसबाले की उम्र अभी 69 साल है। लिहाजा दत्तात्रेय होसबाले को ये पद दोबारा मिल सकता है।
शाखाओं को एक लाख पहुंचाने की योजना
इसके अलावा शाखाओं की समीक्षा और आगे की रणनीति पर योजना बनेगी। शाखाओं की संख्या बढ़ाकर एक लाख की जानी है। समाज के हर स्तर तक जाकर शाखा के विस्तार की योजना बनेगी। संघ में महिलाओं की सक्रिय भूमिका और उनकी शाखाओं की प्लानिंग पर भी चर्चा होगी। महिलाओं के बीच संघ की पहुंच मजबूत करने के लिए भी शाखाओं को विस्तार देने की योजना पर कई साल से काम हो रहा है। इसके अलावा अहिल्याबाई होल्कर की जन्मशती के 300 साल पूरे होने पर मई, 2024 से अप्रैल 2025 तक कार्यक्रम किए जाएंगे। संघ के 100 साल 2025 में विजयदशमी पर पूरे हो जाएंगे। शताब्दी वर्ष मनाने की योजना पर भी रणनीति बनेगी। 15 मार्च 17 मार्च तक चलने वाली इस बैठक में 1529 कार्यकर्ता शामिल होंगे। आरएसएस के सभी 36 सहयोगी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और संगठन महामंत्री शामिल होंगे। बैठक में भारतीय जनता पार्टी, भारतीय मजदूर संघ, विश्व हिंदू परिषद जैसे सभी सहयोगी संगठन के अध्यक्ष शामिल होंगे।
पंच परिवर्तन पर होगी चर्चा
नागपुर में होने वाली संघ की बैठक में पंच परिवर्तन के संबंध में चर्चा की जाएगी। समाज के साथ मिलकर समाज परिवर्तन के महत्वपूर्ण कार्य हाथ में लिया जाए, पर्यावरण की गतिविधियां, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्व आधारित समाज की रचना कैसी हो, नागरिक कर्तव्यों की बात करना आवश्यक है, अधिकारों के साथ नागरिक कर्तव्य की चर्चा जरूरी है। पंच परिवर्तन के मुद्दे सामने हैं, इसको कैसे आगे ले जाया जाए, इस पर विस्तार से चर्चा होगी।