{"_id":"626c227c9be3023eac1bf617","slug":"rss-dattatreya-hosabale-said-atrocities-happened-at-time-of-partition","type":"story","status":"publish","title_hn":"RSS: दत्तात्रेय होसबोले ने कहा- विभाजन के समय हुआ अत्याचार, हिन्दू महिलाओं ने धारण किया था पद्मिनी का रूप","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
RSS: दत्तात्रेय होसबोले ने कहा- विभाजन के समय हुआ अत्याचार, हिन्दू महिलाओं ने धारण किया था पद्मिनी का रूप
Fri, 29 Apr 2022 11:08 PM IST
रोहित राज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: रोहित राज
Updated Fri, 29 Apr 2022 11:08 PM IST
सार
होसबोले ने नोएडा सेक्टर 12 स्थिति भाऊ राव देवरस विद्या मंदिर के सभागार में कृष्णा नंद सागर लिखित पुस्तक विभाजनकालीन भारत के साक्षी के खंड 3 और 4 के लोकार्पण समारोह में लोगों को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन
दत्तात्रेय होसबोले
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि विभाजन तो कई देशों का हुआ परंतु भारत विभाजन के समय जो अत्याचार हुआ वैसा कहीं और नहीं हुआ। उन्होंने शुक्रवार (29 अप्रैल) को नोएडा में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि विभाजन के समय हजारों हिन्दू महिलाओं ने पद्मिनी का रूप धारण किया। जिहादी मानसिकता के कारण विश्व में कई बार और कई जगह रक्तपात हुआ है। जिहादी मानसकिता अभी भी समाप्त नहीं हुई है।
होसबोले ने नोएडा सेक्टर 12 स्थिति भाऊ राव देवरस विद्या मंदिर के सभागार में कृष्णा नंद सागर लिखित पुस्तक विभाजनकालीन भारत के साक्षी के खंड 3 और 4 के लोकार्पण समारोह में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा भारत में किसी प्रकार के धर्म का प्रचार करने की स्वतंत्रता है, लेकिन जिन क्षेत्रों में हिन्दुओं की संख्या कम हुई है, वहां भारतीय राष्ट्रीयता कम हुई है। भारत तभी तक लोकतांत्रिक रहेगा जब तक ये हिन्दू बाहुल्य रहेगा।
जागृति प्रकाशन द्वारा प्रकाशित और कृष्णानंद सागर द्वारा रचित ग्रंथ "विभाजन कालीन भारत के साक्षी" का लोकार्पण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले द्वारा किया गया। कृष्णानंद सागर ने बताया कि ग्रंथ लिखने की प्रेरणा स्वतंत्रता से पहले और ठीक बाद धार्मिक उन्मादियों से देश की रक्षा करने वाले महान विभूतियों से मिली।
विज्ञापन
कृष्णानंद सागर ने बताया कि उन्होंने ऐसे महानुभावों से साक्षात्कार लिया और उसी के अनुरूप लिखा है। उन्होंने बताया विभाजन के समय मुस्लिम समाज ने हिन्दुयों के विरोध युद्ध की घोषणा की थी। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी (पूर्व अध्यक्ष, संघ लोक सेवा आयोग) ने कहा कि बहुत सारी समस्याओं का विभाजन ही है। अगर विभाजन नहीं हुआ होता तो पाकिस्तान सीमा पर भारत को सेना रखने के लिए आर्थिक व्यय नहीं करना पड़ता और न ही हमारे हजारों सैनकों को बलिदान देना पड़ता।
कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि डॉ भीम राव अम्बेडकर द्वारा महाराष्ट्र के सतारा के एक ग्राम में हिन्दू समाज का इस्लाम में धर्म परिवर्तन होने से रोक था। बाबा साहब ने एक्सचेंज ऑफ पापुलेशन का समर्थन किया था।
विज्ञापन
होसबोले ने नोएडा सेक्टर 12 स्थिति भाऊ राव देवरस विद्या मंदिर के सभागार में कृष्णा नंद सागर लिखित पुस्तक विभाजनकालीन भारत के साक्षी के खंड 3 और 4 के लोकार्पण समारोह में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा भारत में किसी प्रकार के धर्म का प्रचार करने की स्वतंत्रता है, लेकिन जिन क्षेत्रों में हिन्दुओं की संख्या कम हुई है, वहां भारतीय राष्ट्रीयता कम हुई है। भारत तभी तक लोकतांत्रिक रहेगा जब तक ये हिन्दू बाहुल्य रहेगा।
विज्ञापन
जागृति प्रकाशन द्वारा प्रकाशित और कृष्णानंद सागर द्वारा रचित ग्रंथ "विभाजन कालीन भारत के साक्षी" का लोकार्पण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले द्वारा किया गया। कृष्णानंद सागर ने बताया कि ग्रंथ लिखने की प्रेरणा स्वतंत्रता से पहले और ठीक बाद धार्मिक उन्मादियों से देश की रक्षा करने वाले महान विभूतियों से मिली।
विज्ञापन
कृष्णानंद सागर ने बताया कि उन्होंने ऐसे महानुभावों से साक्षात्कार लिया और उसी के अनुरूप लिखा है। उन्होंने बताया विभाजन के समय मुस्लिम समाज ने हिन्दुयों के विरोध युद्ध की घोषणा की थी। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी (पूर्व अध्यक्ष, संघ लोक सेवा आयोग) ने कहा कि बहुत सारी समस्याओं का विभाजन ही है। अगर विभाजन नहीं हुआ होता तो पाकिस्तान सीमा पर भारत को सेना रखने के लिए आर्थिक व्यय नहीं करना पड़ता और न ही हमारे हजारों सैनकों को बलिदान देना पड़ता।
कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि डॉ भीम राव अम्बेडकर द्वारा महाराष्ट्र के सतारा के एक ग्राम में हिन्दू समाज का इस्लाम में धर्म परिवर्तन होने से रोक था। बाबा साहब ने एक्सचेंज ऑफ पापुलेशन का समर्थन किया था।