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Mohan Bhagwat: संघ प्रमुख बोले- संतों की रचनाएं देश की एकता के लिए उपयोगी, सभी भाषाओं में होना चाहिए अनुवाद
Thu, 16 Feb 2023 06:27 AM IST
निर्मल कांत
अमर उजाला ब्यूरो, नागपुर
अमर उजाला ब्यूरो, नागपुर
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 16 Feb 2023 06:27 AM IST
सार
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमारे संतों की कृतियां देश की एकता के लिए उपयोगी हैं, क्योंकि उनका संदेश एक है, इसलिए इनका सभी भाषाओं में अनुवाद होना चाहिए।
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Mohan Bhagwat
- फोटो : ANI
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विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि ज्ञानेश्वर जैसे संत-कवियों की रचनाओं का सभी भाषाओं में अनुवाद किया जाना चाहिए।
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संघ प्रमुख संत ज्ञानेश्वर की रचना ज्ञानेश्वरी का संस्कृत में अनुवाद करने के लिए कवि कुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मधुसूदन पेन्ना के सम्मान समारोह में बोल रहे थे।
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ज्ञानेश्वरी, भगवद गीता पर 13वीं शताब्दी की टिप्पणी है जो मराठी में पहली प्रमुख कृतियों में से एक है।
भागवत ने कहा कि हमारे संतों की कृतियां देश की एकता के लिए उपयोगी हैं, क्योंकि उनका संदेश एक है, इसलिए इनका सभी भाषाओं में अनुवाद होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब ऐसे साहित्य का संस्कृत में अनुवाद किया जाता है तो यह कई लोगों के लिए सुलभ हो जाता है क्योंकि हर राज्य में संस्कृत के छात्र हैं।
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