फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   RSS chief Mohan Bhagwat said Only India helped Sri Lanka in the world commented on Ukraine too

RSS: संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- विश्व में सिर्फ भारत ने श्रीलंका की मदद की, रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बोले

Sun, 23 Apr 2023 02:12 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Sun, 23 Apr 2023 02:12 PM IST
सार

आरएसएस चीफ ने कहा कि आज भारत धर्म के लिए आगे बढ़ रहा है। पहले श्रीलंका और चीन की दोस्ती थी, उन्होंने पाकिस्तान को दोस्त बना लिया, लेकिन हमें थोड़ा दूर रखा। अब जब श्रीलंका पर संकट आया तो किसने मदद की, कौन सामने आया, सिर्फ एक देश भारत।

विज्ञापन
RSS chief Mohan Bhagwat said Only India helped Sri Lanka in the world commented on Ukraine too
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : amar ujala

विस्तार

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को एक सभा को संबोधित किया। सभा को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हम धर्म के लिए आगे बढ़ रहे हैं। दूसरे देश बड़े होकर सिर्फ दूसरों पर डंडा चलाते हैं। पहले रूस चलाता था, फिर अमेरिका का वर्चस्व बढ़ा, फिर अमेरिका डंडा चलाने लगा। अब चीन आया है, ऐसा लगता है कि अब वह अमेरिका को पछाड़ देगा।

विज्ञापन

यूक्रेन का साथ देने वाला देश भारत है
मोहन भागवत ने कहा कि यूक्रेन को मोहरा बनाकर अमेरिका और रूस लड़ रहे हैं। दोनों भारत को कहते हैं, हमारे तरफ आओ, हमारा पक्ष लो। लेकिन भारत रूस-अमेरिका से कहता है कि आप भी हमारे दोस्त और आप भी हमारे दोस्त हो, और यह तीसरा जो आप दोनों के बीच दब गया है, वह भी हमारा दोस्त है। इसलिए पहले मैं इसकी मदद करुंगा। भारत का कहना है कि आप दोनों में से मैं किसी का पक्ष नहीं लेता। ये लड़ाई का जमाना नहीं है लड़ना बंद करो।

विज्ञापन

 

 

श्रीलंका की सिर्फ भारत ने मदद की
आरएसएस चीफ ने कहा कि आज भारत धर्म के लिए आगे बढ़ रहा है। पहले श्रीलंका और चीन की दोस्ती थी, उन्होंने पाकिस्तान को दोस्त बना लिया, लेकिन हमें थोड़ा दूर रखा। अब जब श्रीलंका पर संकट आया तो किसने मदद की, कौन सामने आया, सिर्फ एक देश भारत।

हम लोगों की मदद करते हैं
संघ प्रमुख का कहना है कि धर्म को मानने वाला देश कभी किसी का लाभ नहीं उठाएगा।  परस्पर जीने के लिए हम एक दूसरे का लाभ उठाते हैं, लेकिन वह प्रेम का लेन-देन होता है। सौदा का लेन-देन नहीं होता। भागवत ने आगे कहा कि भारत लाभ ले रहा है, क्यों नहीं लेगा। लेकिन जब हमारे लाभ की आवश्यकता किसी और को है, हमारे कमाए हुए से कोई और भूखा जीवित रह सकता है तो भारत देने वाला देश है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed