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आरएसएस समर्थित बीएमएस के बाद किसान संघ भी केंद्र सरकार से खफा, देशव्यापी प्रदर्शन का एलान
Tue, 07 Sep 2021 06:33 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Tue, 07 Sep 2021 06:33 PM IST
सार
भारतीय किसान संघ के महामंत्री बद्रीनाथ चौधरी ने कहा, एमएसपी से सभी किसानों को फायदा नहीं मिल पाता, इसलिए सरकार को लाभकारी मूल्य तय करना चाहिए और इसके लिए कानून बनाना चाहिए। व्यापारी अपने हिसाब से किसानों से फसल खरीदते हैं, सरकार एमएसपी की घोषणा करती है पर भुगतान छह महीने में होता है...
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भारतीय किसान संघ
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
आरएसएस का कृषि संगठन भारतीय किसान संघ ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसान संघ ने आठ सितंबर से कृषकों से जुड़ी समस्याओं को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन का एलान किया है। किसान संघ का कहना है कि किसानों को मिलने वाला एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) एक छलावा है। एमएसपी का फायदा सिर्फ पंजाब और हरियाणा के किसानों को ही मिल पा रहा है, इसलिए सरकार को सभी किसानों को लाभकारी मूल्य मिलना सुनिश्चित करना चाहिए।
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भारतीय किसान संघ के महामंत्री बद्रीनाथ चौधरी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, अगस्त में हमने सभी प्रांतों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और किसानों से जुड़ी समस्याओं के विषय पर चर्चा की। आठ सितंबर को हम देशव्यापी प्रदर्शन करने जा रहे है। इस प्रदर्शन के अंतर्गत 500 जिलों में सांकेतिक धरना देंगे। सब जिलों में प्रशासन को ज्ञापन दिया जाएगा।
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उन्होंने आगे कहा कि एमएसपी से सभी किसानों को फायदा नहीं मिल पाता, इसलिए सरकार को लाभकारी मूल्य तय करना चाहिए और इसके लिए कानून बनाना चाहिए। व्यापारी अपने हिसाब से किसानों से फसल खरीदते हैं, सरकार एमएसपी की घोषणा करती है पर भुगतान छह महीने में होता है। सरकार उपज का सिर्फ़ 25 फीसदी खरीदती है। सरकार ज़्यादातर खरीद सिर्फ दो राज्यों से करती है। बाक़ी राज्य के किसान रजिस्ट्रेशन ही करते हैं। हम मांग करते हैं कि एमएसपी खरीद पर कानून बने। सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए कि किसान को लागत मिले। जो एमएसपी अभी दी जा रही है वह धोखा है छलावा है। हमने तीनों कृषि कानूनों को स्वीकार किए थे पर हमने कहा था कि इसमें पांच संशोधन किए जाएं। चौधरी ने साफ किया कि हम संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बुलाए गए भारत बंद के साथ नहीं हैं।
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गौरतलब है कि आरएसएस से जुड़े श्रमिक संगठन, भारतीय मजदूर संघ ने भी बढ़ती महंगाई के खिलाफ नौ सितंबर को प्रदर्शन का एलान किया है। 28 अक्तूबर को डिफेंस सेक्टर और कई दूसरे अहम सेक्टरों में मोदी सरकार के कॉरपोरेटाइजेशन और प्राइवेटाइजेशन के फैसले के खिलाफ भी देशभर में आंदोलन का फैसला किया है।