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Mumbai: एनसीईआरटी की किताब से मराठा साम्राज्य का नक्शा गायब, शाही परिवार ने हाईकोर्ट में दाखिल हुई याचिका
Wed, 06 May 2026 09:52 PM IST
Rahul Kumar
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: Rahul Kumar
Updated Wed, 06 May 2026 09:52 PM IST
सार
एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक से मराठा साम्राज्य का नक्शा हटाए जाने के खिलाफ शाही परिवार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए नक्शे को दोबारा शामिल करने की मांग की गई है।
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बॉम्बे हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
विस्तार
मराठा शाही परिवारों के वंशजों और कुछ नागरिकों ने कक्षा 8 की एनसीईआरटी की सामाजिक विज्ञान पुस्तक से मराठा साम्राज्य का नक्शा हटाए जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। जनहित याचिका में इस फैसले को मनमाना बताते हुए नक्शे को फिर से शामिल करने की मांग की गई है।
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याचिका में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की ओर से हटाए गए ‘फिगर 3.11’ को फिर से किताब में शामिल करने की अपील की गई है। इसमें 1759 ईस्वी में मराठा साम्राज्य का विस्तार दिखाया गया था, जो तंजावुर से लेकर पेशावर तक फैला हुआ था। याचिकाकर्ताओं में नागपुर के राजे मुद्होजीराव राजे अजित सिंह राव भोंसले, शिवाजी दत्तात्रय राजे जाधव (राजमाता जिजामाता के वंशज) और रायगढ़ के रघुजी राजे शाहजी राजे आंग्रे समेत अन्य लोग शामिल हैं।
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वकील आशीष राजे गायकवाड़ के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि एनसीईआरटी का यह निर्णय एकतरफा, मनमाना, अपारदर्शी और प्रक्रियागत रूप से त्रुटिपूर्ण है। इसमें आरोप लगाया गया कि नक्शा हटाने से पहले किसी ऐतिहासिक दस्तावेज, गजेटियर या शैक्षणिक शोध का सहारा नहीं लिया गया।
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याचिका में यह भी कहा गया है कि इस कदम से छात्रों को सटीक ऐतिहासिक जानकारी से वंचित किया जा रहा है, जो संविधान के तहत उनके मौलिक अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान के अधिकार का उल्लंघन है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से एनसीईआरटी के फैसले को रद्द करने और संबंधित नक्शे को सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक के हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी संस्करणों में फिर से शामिल करने का निर्देश देने की मांग की है। इस मामले की सुनवाई इस सप्ताह होने की संभावना है।