शाही जोड़े को मुहब्बत की डोर से बांधने की तैयारी
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शाही जोड़े के साथ ताजमहल में जो गाइड होंगे, वह इसी ‘इमोशनल बांड’ से उन्हें ताज और आगरा से जोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। ब्रिटिश हुकूमत के दौर में ताज के संरक्षण की कोशिशों की जानकारी भी उन्हें ये गाइड देंगे।
शाही जोड़े को ताज घुमाने के लिए ब्रिटिश दूतावास ने आगरा के दो गाइडों शमशुद्दीन और वरुण रावत से संपर्क किया है। दोनों ही गाइड 40 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्षों के ताज भ्रमण के दौरान साथ रहे हैं।
ये वीवीआईपी विजिट के लिए पहली पसंद माने जाते रहे हैं। ब्रिटिश दूतावास ने दोनों से जरूरी जानकारी जुटाई है, लेकिन अभी यह तय नहीं हो सका है कि ताज भ्रमण के दौरान शाही जोड़े के साथ दोनों में से कौन साथ होगा।
हालांकि दोनों ही अभी से वीवीआईपी विजिट के लिए खुद को तैयार कर चुके हैं। इन दिनों ताज में चल रहे संरक्षण और मडपैक थेरेपी की बारे में हर तरह की जानकारियां वे जुटा चुके हैं। काले ताज के किस्से और दूसरी कहानियां भी वे शाही युगल को सुनाने के लिए सघन होमवर्क कर चुके हैं।
''अगर मुझे मौका मिला तो शाही मेहमानो को बताऊंगा कि किस तरह ब्रिटिश इंडिया के दौरान इस मुगलिया तामीर को किस तरह से सहेजने की कोशिशें हुईं। प्रिंस की दादी और उनकी मां के ताज दौरे की जानकारी दूंगा। प्रिंस की मां के नाम से चर्चित डायना सीट के बारे में उन्हें जानकारी उनके लिए जरूर दिलचस्प होगी। शाहजहां की मुहब्बत की कहानी तो बतानी ही है।'' -शमशुद्दीन, पूर्व अध्यक्ष, एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन
मिलेगा हर सवाल का जवाब
ताजमहल से जुड़े विवाद भी पूरी दुनिया तक पहुंचते हैं। ताज देखने आए आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने गाइड से पूछा था, कि ‘ताज की वास्तुकला में कई हिंदू चिह्न हैं, क्या ताज कभी मंदिर था?’
कहीं प्रिंस भी ऐसे सवाल न पूछ बैठे, इसके लिए गाइड पहले से ही तैयारी में जुट गए हैं। तकनीकी से जुड़े सवालों का सामना करने के लिए वह एएसआई के केमिकल ब्रांच से पूरी जानकारी जुटा चुके हैं।