ईडी दफ्तर पहुंचे रॉबर्ट वाड्रा, मनी लांड्रिंग और बेनामी संपत्ति मामले में पूछताछ जारी
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति और व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा मनी लांड्रिंग और बेनामी संपत्ति मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दफ्तर पहुंच गए हैं। अभी तक वह ईडी दफ्तर में ही हैं। जिसका मतलब है कि उनसे पूछताछ जारी है। बुधवार को उन्हें तलब किया गया था। वाड्रा को गुरुवार सुबह साढ़े दस बजे ईडी दफ्तर बुलाया गया था। वह तय समय पर पहुंच गए। उनके साथ पत्नी प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। वाड्रा को छोड़ने के बाद प्रियंका वापस चली गईं। अब एजेंसी के अधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे।
Delhi: Robert Vadra arrives at the office of Enforcement Directorate in connection with a money laundering case. pic.twitter.com/DF5eJJhWGY
— ANI (@ANI) May 30, 2019विज्ञापन
ईडी दफ्तर जाने से पहले वाड्रा ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा। जिसमें उन्होंने कहा, 'मैंने देश की न्यायपालिका में अपना विश्वास बनाए रखा है। मैंने सभी सरकारी एजेंसियों के सभी समन/ नोटिस का बखूबी पालन किया है। अब तक मैं 11 बार जा चुका हूं और लगभग 70 घंटे की पूछताछ में सहयोग दिया है। भविष्य में भी मैं हमेशा की तरह सहयोग करूंगा, जब तक कि मेरा नाम सभी झूठे आरोपों से हट नहीं जाता।'
सूत्रों के अनुसार आज ईडी की टीम रॉबर्ट वाड्रा से उनकी लंदन स्थित संपत्ति और उनके करीबी संजय भंडारी के बारे में सवाल पूछ सकती है। ईडी का कहना है कि लंदन वाली संपत्ति को गलत तरीके से खरीदा गया है और इसमें कालेधन का प्रयोग किया गया है। यह पूरा मामला विदेशों में स्थित रॉबर्ट वाड्रा की संपत्तियों से जुड़ा है। जिसमें टैक्स से बचने के लिए अघोषित विदेशी संपत्ति होने का भी आरोप है।
वाड्रा की बेनामी संपत्तियों को लेकर ईडी जांच कर रही है। जिसमें दुबई के जुमेराह में 14 करोड़ का विला और लंदन के ब्रायनस्टन स्कवायर में एक फ्लैट शामिल है जिसकी कीमत 26 करोड़ रुपये है। पहले भी इन संपत्तियों को लेकर उनसे पूछताछ की जा चुकी है।
जुमेराह विला और लंदन के फ्लैट को खरीदने के लिए हुई कथित बेनामी लेन-देन के विवरण उनसे फरवरी में साझा किए गए थे। तब ईडी ने लगातार तीन दिनों तक उनसे पूछताछ की थी। जब उनसे पूछा गया था कि वह स्काईलाइट इनवेस्टमेंट एफजेडई कंपनी में जमा इतनी बड़ी रकम के स्रोत के बारे में बताए तो उन्होंने इसका जवाब देने से मना कर दिया था। यह कंपनी वाड्रा की स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड जैसी है जो भारत से संचालित होती है।