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पिछले साल देशभर में सड़क हादसों ने ली 1.54 लाख से अधिक लोगों की जान: एनसीआरबी
Tue, 01 Sep 2020 10:18 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 01 Sep 2020 10:18 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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देश में वर्ष 2019 में 4,37,396 सड़क दुघर्टनाएं हुईं, जिनमें 1,54,732 लोगों की मौत हुई जबकि 4,39,262 अन्य घायल हुए। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। इसके मुताबिक, 59.6 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुईं, जिसमें 86,241 लोगों की मौत हुई और 2,71,581 घायल हुए। वर्ष 2018 में 1,52,780 जबकि वर्ष 2017 में 1,50,093 लोगों की सड़क हादसों में जान गई थी।
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आंकड़े के मुताबिक, वर्ष 2019 में दुर्घटनावश हुई मौतों की कुल संख्या 4,21,959 रही, जिसमें सड़क हादसे, प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय लापरवाही के चलते मौत होना शामिल है। वर्ष 2018 में दुर्घटनावश कारणों से 4,11,104 की जबकि 2017 में 3,96,584 लोगों की जान गई। हादसों में जान गंवाने वाले 38 फीसदी मामले दो पहिया चालकों से संबंधित रहे जबकि ट्रक या लॉरी, कार और बसों से संबंधित मामले क्रमश: 14.6 फीसदी, 13.7 फीसदी और 5.9 फीसदी रहे।
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एनसीआरबी के मुताबिक, खतरनाक अथवा लापरवाही से वाहन चलाने अथवा ओवरटेक करने से संबंधित मामले 25.7 फीसदी रहे, जिनके चलते 42,557 लोगों की मौत हुई और 1,06,555 लोग घायल हुए। इसके मुताबिक, केवल 2.6 फीसदी सड़क हादसों की वजह मौसम की खराब स्थिति रही। आंकड़ों के मुताबिक, 59.5 फीसदी सड़क हादसे ग्रामीण इलाकों में सामने आए जबकि 40.5 फीसदी दुर्घटनाएं शहरी क्षेत्रों में हुईं।
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एनसीआरबी के वार्षिक आंकड़े के मुताबिक, वर्ष 2019 में कुल 27,987 रेल संबंधी दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 3,569 लोगों की मौत हुई और 24,619 घायल हुए। इसी तरह, पिछले साल रेलवे क्रॉसिंग के 1,788 हादसे दर्ज किए गए, जिसके चलते 1,762 लोगों की मौत हुई और 165 लोग घायल हुए। एनसीआरबी के आंकड़े के मुताबिक, इस तरह के सबसे अधिक हादसे (1,788 में से 851) उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए।