Bihar: RJD ने की विधानसभा अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग, आज लाएगी अविश्वास प्रस्ताव
पूर्व विधायक और आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा को अपना सम्मान बनाए रखते हुए पद छोड़ देना चाहिए। हमें आश्चर्य है कि वह पद से चिपक कर क्या साबित करने की कोशिश कर रहे है। विधानसभा के नियमों के मुताबिक, नए अध्यक्ष के चुने जाने तक कार्य को उपाध्यक्ष द्वारा संचालित करना होगा।
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बिहार में महागठबंधन सरकार बनने के बाद बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा (Bihar Assembly Speaker Vijay Kumar Sinha) को हटाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में राष्ट्रीय जनता दल ने एक बार फिर सोमवार को उनके इस्तीफे की मांग की। बताया जा रहा है कि राजद के विधायक अवध बिहारी चौधरी गठबंधन से बिहार विधानसभा के नए अध्यक्ष हो सकते हैं। आज सरकार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। आज से शुरू रहे विशेष सत्र में सबसे पहले उन्हें हटाने का प्रक्रिया चलाई जाएगी।गौरतलब है कि विधानसभा के मौजूदा स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।
राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में 'महागठबंधन' द्वारा उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के मद्देनजर बिहार विधानसभा के अध्यक्ष और भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।
'पद से चिपक कर क्या साबित करना चाहते हैं विधानसभा अध्यक्ष'
राजद के राज्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने एक बयान में कहा कि विधानसभा के नियमों के मुताबिक, विजय कुमार सिन्हा 24 अगस्त को बुलाए गए विशेष सत्र की अध्यक्षता नहीं कर सकते हैं। जब उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा चुका है तब सदन की बैठक विजय कुमार सिन्हा नहीं चलाएंगे बल्कि डिप्टी स्पीकर महेश्वर हजारी चलाएंगे। बता दें कि इसी विशेष सत्र में नई सरकार को बहुमत साबित करना है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि विजय कुमार सिन्हा को अपना सम्मान बनाए रखते हुए पद छोड़ देना चाहिए। हमें आश्चर्य है कि वह पद से चिपक कर क्या साबित करने की कोशिश कर रहे है। पूर्व विधायक शक्ति सिंह यादव ने कहा कि विधानसभा के नियमों के मुताबिक, नए अध्यक्ष के चुने जाने तक कार्य को उपाध्यक्ष द्वारा संचालित करना होगा। नियम के मुताबिक, विधानसभा के बहुमत से पारित प्रस्ताव से अध्यक्ष को पद से हटाया जा सकता है। विधानसभा में महागठबंधन के घटक दलों के जहां कुल 164 सदस्य हैं, वहीं भाजपा के 77 विधायक हैं।
40 से ज्यादा विधायकों ने पेश किया अविश्वास प्रस्ताव
गौरतलब है कि सात पार्टियों वाले महागठबंधन के 40 से ज्यादा विधायकों ने 11 अगस्त को विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। इन विधायकों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जद (यू) के विधायक भी शामिल हैं।
इन नेताओं को किया जा सकता है नामित
243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में 'महागठबंधन' के पाले में 160 से अधिक विधायक हैं। चर्चा है कि 79 विधायकों के साथ विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी राजद अध्यक्ष पद के लिए दावा पेश करेगी। पार्टी के दिग्गज नेता अवध बिहारी चौधरी को इस संवैधानिक पद के लिए नामित किया जाएगा। इसके साथ ही बिहार विधान परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह को भी बदला जाएगा। कहा जा रहा है कि जद (यू), जिसके पास सबसे ज्यादा एमएलसी हैं, वह अपने विधायक देवेश चंद्र ठाकुर को विधान परिषद में सभापति के पद के लिए नामित करने पर विचार कर रही है।