पिछड़ेपन पर NITI आयोग की टिप्पणी से गुस्से में RJD नेता मनोज झा, कांत ने दी सफाई
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नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत के बयान पर जुबानी जंग शुरू हो गई है। कांत ने भारत के पिछड़ेपन का ठीकरा यूपी, बिहार और छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासन पर फोड़ा तो जगह-जगह उनके बयान पर प्रतिक्रिया आने लगी हैं। राजद नेता मनोज झा ने तो कांत के बयान को सीधे आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि बिहारी होने के नाते अमिताभ के बयान से वो काफी आहत हैं। उन्होंने पीएम मोदी को भी इस संदर्भ में एक पत्र लिखा है।
RJD's Manoj Jha writes letter to PM Modi over NITI Ayog Chairman Amitabh Kant's remark, ‘States like Bihar,UP,Chhattisgarh,MP & Rajasthan are keeping India backward especially on social indicators'. In letter,Jha states ‘I'm in pain at humiliation inflicted upon Bihar&its people’ pic.twitter.com/V4sWXMqKfc
— ANI (@ANI) April 25, 2018विज्ञापन
जिसके बाद कांत को अपने बयान पर सफाई देनी पड़ी। पहले उन्होंने कहा था कि भारत के पश्चिम और दक्षिण के राज्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं वहीं यूपी, बिहार और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों की वजह से भारत पिछड़ रहा है। कांत ने ये बातें जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में अब्दुल गफ्फार खान मेमोरियल में लेक्चर के दौरान कही थी।
I had stated India&eastern states have done remarkably well on Ease of Doing Business Index. We need to repeat this on Human Development Index. Several states of India remain backward on human development indicators because of legacy issues: Amitabh Kant,NITI Aayog CEO (File pic) pic.twitter.com/W8KHXLvCuD
— ANI (@ANI) April 25, 2018
कांत ने कहा कि सामाजिक मापदंडों के आधार पर बिहार, यूपी, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्य भारत को पिछड़ा बना रहे हैं। हालांकि हमने इन राज्यों में भी बिजनेस को बढ़ावा दिया है लेकिन हम मानव विकास इंडेक्स में काफी पिछड़े हैं। हम एचडीआई में 188 में से 131वें पर हैं। बदलते भारत के मुद्दे पर कांत ने कहा कि पश्चिम और दक्षिण के राज्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि हम जिला स्तर पर कार्यक्रम करके लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमें शिक्षा और स्वास्थ के मुद्दे पर बहुत काम करना होगा। कक्षा 5 का बच्चा कक्षा 2 के सवाल हल नहीं कर पाता, वह अपनी मातृभाषा नहीं जानता, हमें इन सब चीजों में सुधार करना होगा। उन्होंने निर्णय लेने में महिलाओं को आगे आने की बात कही।