UK: कोविड से निपटने की प्रक्रिया की जांच के लिए मांगी पूर्व PM की व्हाट्सएप चैट, सुनक सरकार ने किया इनकार
ब्रिटिश सरकार ने गुरुवार को बताया कि वह कोरोना से निपटने की प्रक्रिया की जांच के लिए बनाई गई समिति के आदेश की न्यायिक समीक्षा की मांग करने जा रही है। समिति ने पूर्व प्रधानमंत्री के व्हाट्सएप चैट समेत कुछ अप्रासंगिक संदेशों का ब्यौरा मांगा था।
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ब्रिटेन में कोराना महामारी के दौरान उठाए गए कदमों को लेकर पूर्व सरकार पर कई आरोप लगे हैं। ऐसे में कोविड से निपटने की प्रक्रिया की जांच के लिए पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की व्हाट्सअप चैट और महामारी से संबंधित दस्तावेजों की मांग की गई थी। इस मांग को पूरा करने से ऋषि सुनक के प्रशासन ने साफ इनकार कर दिया है। ऐसे में आरोपों को छिपाने को लेकर एक कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है।
ब्रिटिश सरकार ने गुरुवार को बताया कि वह कोरोना से निपटने की प्रक्रिया की जांच के लिए बनाई गई समिति के आदेश की न्यायिक समीक्षा की मांग करने जा रही है। समिति ने पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के व्हाट्सएप चैट समेत कुछ अप्रासंगिक संदेशों का ब्यौरा मांगा था।
समिति की अध्यक्षता बैरोनेस हीथर हैलेट कर रही हैं, जो एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं। उन्होंने कुछ दस्तावेजों की मांग की थी, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री जॉनसन के व्हाट्सएप संदेश भी शामिल थे। इसके लिए कैबिनेट कार्यालय के पास गुरुवार शाम चार बजे तक का समय था, लेकिन कार्यालय की ओर से कहा गया कि इस तरह की सामग्री की मांग जांच के लिए तर्कहीन है।
कहा जा रहा है कि सुनवाई में ब्रिटेन के पीएम सुनक पर सच्चाई छिपाने वाले आरोप सामने आएंगे। क्योंकि जॉनसन के समय वह राजकोष के चांसलर थे।
बता दें, सुनक की सरकार ने दस्तावेजों को सौंपने से इनकार तो किया ही है। साथ ही तर्क दिया कि कोरोना महामारी को अधिकारियों ने कैसे काबू किया इसकी जांच करना व्यर्थ है। इसका कोई मतलब ही नहीं बनता। हालांकि, विपक्षी नेताओं, कोविड पीड़ितों के परिवारों, डॉक्टरों और यहां तक कि उनकी सरकार कंजर्वेटिव पार्टी के कुछ सदस्यों ने भी उनसे आग्रह किया है कि इस मामले की जांच होने दें।
डिप्टी लेबर पार्टी की नेता एंजेला रेनेर ने कहा कि सुनक का दस्तावेज से इनकार करना सिर्फ कोविड से जुड़ी जांच को कमजोर करने का काम करता है। जनता सच्चाई जानना चाहती है न कि आपके खोखले दावे। सुनवाई से पहले सुनक ने संवाददाताओं से कहा कि वह सरकार की स्थिति में मजबूत थे।
जॉनसन ने की व्हाट्सएप संदेशों को सौंपने की पेशकश
वहीं, बोरिस जॉनसन ने जांच के लिए आज अपने सभी व्हाट्सएप संदेशों को सौंपने की पेशकश की है। जॉनसन ने हैलेट को लिखे पत्र में कहा, मैं सरकार की पॉजिशन को समझता हूं, मैं नहीं चाहता कि मेरा मैटरियल (व्हाट्सएप मैसेज) दूसरों के लिए एक टेस्ट केस बने। हालांकि मैं इसे देखने के लिए पूरी तरह से संतुष्ट हूं।
ब्रिटेन के कैबिनेट कार्यालय ने जोर देकर कहा है कि वह जांच को लेकर अपने दायित्वों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। जांच समिति के पास ऐसी कोई अप्रासंगिक जानकारी मांगने की कोई शक्ति नहीं है, जो इस जांच से बाहर है।