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West Bengal: अब दंगाइयों की खैर नहीं, कोलकाता पुलिस कर रही सीआरपीएफ जैसी तैयारी

Fri, 29 May 2026 03:17 PM IST
Asmita Tripathi पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता Published by: Asmita Tripathi Updated Fri, 29 May 2026 03:17 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने हथियारों को सीआरपीएफ के जैसी करने की तैयारी में है। सरकार का कहना है कि अब कोलकाता पुलिस को हाईटेक उपकरण मिलेंगे। सरकार ने समिति बनाई है। 

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Rioters are in trouble now, Kolkata Police is making CRPF-like preparations
शुभेंदु अधिकारी, पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल की नई सरकार कई फैसले ले रही है। इसी बीच राज्य सरकार ने कोलकाता पुलिस के दंगा नियंत्रण और कानून व्यवस्था उपकरणों के व्यापक नवीनीकरण की शुरुआत की है। इसके तहत दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के उपयोग किए जाने वाले मानकों के अनुसार उपकरण खरीदने की योजना है। इसी जानकारी शुक्रवार को  एक वरिष्ठ अधिकारी ने  दी है। 

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यह कदम 18 मई को पार्क सर्कस इलाके में एक सभा के दौरान हुई पत्थरबाजी में अधिकारियों सहित आठ पुलिसकर्मियों के घायल होने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। यह मुद्दा मुख्यमंत्री  शुभेंदु अधिकारी की 26 मई को लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय की पहली यात्रा के दौरान फिर से उठाया गया, जहां उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की।
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'बंगाल के पास अच्छा उपकरण होने चाहिए'
एक वरिष्ठ अधिकारी ने मुख्यमंत्री के हवाले से बताया कि बैठक के दौरान उन्होंने कहा, 'दंगों से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल के पास सबसे अच्छा उपकरण होने चाहिए। उन्होंने आगे कहा 'कोलकाता पुलिस को दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जैसे इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणोंउपलब्ध कराए जाने चाहिए।'

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पांच सदस्यीय समिति का गठन
इस निर्देश के बाद, 27 मई को कोलकाता पुलिस आयुक्त के नाम से एक आदेश जारी किया गया, जिसमें बल के मौजूदा उपकरणों की समीक्षा करने  की सिफारिश करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया। संयुक्त आयुक्त (आधुनिकीकरण) नीलांजन बिस्वास की अध्यक्षता वाली समिति में कोलकाता सशस्त्र पुलिस की छठी बटालियन के उपायुक्त देबाशीष दास और तीन अन्य अधिकारी शामिल हैं।


 

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15 दिनों के भीतर पेश करेंगी रिपोर्ट
इस पैनल को दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय बलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हेलमेट, लाठी, ढाल, बॉडी प्रोटेक्टर, गैर-घातक हथियार, आंसू गैस प्रणाली, रबर की गोलियां, डाई मार्कर, वाटर कैनन, वज्र दंगा रोधी वाहन और अन्य भीड़ नियंत्रण उपकरणों की जांच करने का काम सौंपा गया है। अधिकारियों ने बताया कि समिति इन वस्तुओं की तुलना कोलकाता पुलिस द्वारा वर्तमान में उपयोग किए जा रहे उपकरणों से करेगी और 15 दिनों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी।

लालबाजार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बल के मौजूदा उपकरण अपर्याप्त नहीं थे, लेकिन उन्होंने सुधार की आवश्यकता को स्वीकार किया। अधिकारी ने कहा,'फिलहाल हमारे पास जो दंगा-निरोधक उपकरण उपलब्ध हैं, वे खराब गुणवत्ता के नहीं हैं। हालांकि, हम अब दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों के समान मानक के उपकरण प्राप्त करने पर विचार कर रहे हैं। बेहतर हेलमेट, ढाल, बॉडी प्रोटेक्टर और आंसू गैस प्रणालियों की विशेष आवश्यकता है।'

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