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Parliament: रिजिजू बोले- निचली अदालतों में जजों की भर्ती के लिए अखिल भारतीय न्यायिक सेवा पर सभी राज्य सहमत नहीं

Fri, 10 Dec 2021 09:10 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 10 Dec 2021 09:10 PM IST
सार

रिजिजू ने एक सवाल के जवाब में बताया कि अखिल भारतीय न्यायिक सेवा का गठन करने के लिए राज्यों व हाईकोर्ट के रुख में काफी अंतर हैं। आठ राज्य इसके खिलाफ और दो पक्ष में हैं।

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Rijiju said that Not all states agree on All India Judicial Service for the recruitment of judges in lower courts
केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय विधि मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में शुक्रवार को बताया कि निचली अदालतों में जजों की भर्ती के लिए अखिल भारतीय न्यायिक सेवा (एआईजेएस) शुरू करने पर सभी राज्य सहमत नहीं हैं। उन्होंने बताया कि आठ राज्य इस पर सहमत नहीं हैं, जबकि दो राज्य इसके पक्ष में हैं। इसी तरह दो हाईकोर्ट इसको लेकर राजी हैं और 13 इसके खिलाफ। वहीं 6 इस प्रस्ताव में बदलाव चाहते हैं और दो ने अब तक जवाब नहीं दिया है। रिजिजू ने बताया कि केंद्र ने इस मुद्दे पर राज्यों व हाईकोर्ट से राय मांगी थी।

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रिजिजू ने एक सवाल के जवाब में बताया कि अखिल भारतीय न्यायिक सेवा का गठन करने के लिए राज्यों व हाईकोर्ट के रुख में काफी अंतर हैं। आठ राज्य इसके खिलाफ और दो पक्ष में हैं। पांच ने प्रस्ताव में बदलाव की मांग की है और 13 का जवाब नहीं मिला है। जबकि सरकार का मानना है कि अखिल भारतीय न्यायिक सेवा का गठन न्यायिक तंत्र को मजबूती देगा और नई प्रतिभाओं को मौके मिलेंगे।
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दस लाख लोगों पर 21.03 जज
रिजिजू ने एक अन्य सवाल पर बताया कि देश में दस लाख लोगों पर 21.03 जज ही हैं। उन्होंने बताया कि यह अनुपात 2011 की जनगणना की आबादी और सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, जिला व अधीनस्थ अदालतों में स्वीकार जजों के पद के आधार पर निकला जाता है। राज्य व केंद्र शासित राज्य इस संदर्भ में कोई डाटा नहीं रखते। उन्होंने कहा, कानून आयोग ने देश में न्यायाधीशों की संख्या की पर्याप्तता निर्धारित करने के लिए न्यायाधीश जनसंख्या अनुपात को वैज्ञानिक मानदंड नहीं माना है।

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