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Nabanna Chalo Abhiyan: आरजी कर कांड को लेकर प्रदर्शन के दौरान बवाल; बैरिकेड तोड़े गए, पुलिस ने भांजीं लाठियां

Sat, 09 Aug 2025 01:53 PM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 09 Aug 2025 01:53 PM IST
सार

Nabanna Chalo Abhiyan: 'नबन्ना चलो अभियान' के तहत प्रदर्शनकारियों ने आरजी कार पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए और पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स की परवाह किए बिना राज्य सचिवालय तक पहुंचने की कोशिश। इस दौरान बवाल की स्थिति बन गई। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को सभास्थल तक पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रही है। वहां की ताजा स्थिति क्या है, आइए जानते हैं।

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RG Kar: Protestors reach Santragachi assembly point in Howrah, attempt to breach police barricades
कोलकाता में प्रदर्शन के दौरान बैरिकैड हटाने की कोशिश करते प्रदर्शनकारी। - फोटो : PTI

विस्तार

कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल सचिवालय नबान्न तक मार्च के दौरान मध्य कोलकाता में पार्क स्ट्रीट क्रॉसिंग पर प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भांजीं है। यह मार्च सरकारी आरजी कर अस्पताल के अंदर एक ऑन ड्यूटी डॉक्टर के साथ क्रूर दुष्कर्म और हत्या के एक साल पूरे होने के मौके पर शनिवार को निकाली गई। रानी रश्मोनी रोड सभा स्थल से आगे न बढ़ने की पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए प्रदर्शनकारियों ने विद्यासागर सेतु की ओर बढ़ने के लिए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

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इस दौरान विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल और अन्य भाजपा विधायकों के साथ पार्क स्ट्रीट-जेएल नेहरू रोड क्रॉसिंग पर धरने पर बैठ गए। आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में भाजपा नेताओं सहित 100 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए। अधिकारी ने यह भी दावा किया कि लाठीचार्ज के दौरान आरजी कार पीड़िता के माता-पिता घायल हो गए। अधिकारी ने चेतावनी दी, "ममता बनर्जी को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। यह विरोध प्रदर्शन आगे और भी बड़ा होने वाला है।"

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सुवेंदु अधिकारी का दावा- भाजपा विधायकों पर लाठीचार्ज की गई

नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि बंगाल सचिवालय तक मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में भाजपा विधायकों पर लाठीचार्ज कर गई। इस बवाल के दौरान आरजी कर पीड़िता के माता-पिता भी घायल हो गए हैं। खबर है कि भाजपा नेता अधिकारी और अग्निमित्रा पॉल पुलिस कार्रवाई के विरोध में वहीं धरने पर बैठ गए हैं।

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पुलिस सभास्थल तक पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रही: पीड़िता के पिता

दूसरी ओर, पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया, "उच्च न्यायालय की ओर से हमें शांतिपूर्ण विरोध रैली आयोजित करने की अनुमति दिए जाने के बावजूद पुलिस हमारे साथ सहयोग नहीं कर रही है।" उन्होंने कहा, "पुलिस ने रास्ते में विभिन्न स्थानों पर लोगों के वाहनों को रोककर उन्हें सभा स्थल तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की। लाठीचार्ज के बाद आरजी कर पीड़िता की माँ ने कहा, " वे हमें क्यों रोक रहे हैं? हम बस सचिवालय पहुँचना चाहते हैं और अपनी बेटी के लिए न्याय माँगना चाहते हैं।"




इससे पहले 'नबन्ना चलो अभियान' के तहत प्रदर्शनकारियों ने आरजी कार पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए और पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स की परवाह किए बिना राज्य सचिवालय तक पहुंचने का संकल्प जताया।

एक प्रदर्शनकारी को यह कहते सुना गया, "पुलिस हम पर गोली चला सकती है, लेकिन हम नबान्न पहुंचने के लिए दृढ़ हैं, जहां राज्य सरकार को जवाब देना होगा कि एक साल बाद भी अभया (आरजी कर पीड़िता) को न्याय क्यों नहीं मिला है।"

पुलिस की ओर से लाउडस्पीकरों पर लगातार अलर्ट जारी कर प्रदर्शनकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने का आग्रह किया जा रहा था, लेकिन प्रदर्शनकारियों को 10 फुट ऊंचे बैरिकेडों को लांघने की कोशिश करते देखा गया।

कुछ आंदोलनकारियों को लोहे की दीवारों को तोड़ने और उनमें छेद करने के लिए कुंद औजारों का इस्तेमाल करते हुए भी देखा गया, ताकि वे आगे बढ़ सकें। प्रदर्शनकारियों को तिरंगे के अलावा पोस्टर और बैनर लिए देखा गया। इन पर  पीड़िता के लिए न्याय और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग की गई थी। पुलिस की ओर से मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल, आरएएफ कर्मियों और पानी की बौछार करने वाले वाहनों की तैनाती की गई है।

नेता प्रतिपक्ष अधिकारी ने ममता सरकार पर धमकाने का लगाया आरोप

वरिष्ठ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को आरजी कार घटना के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में पश्चिम बंगाल राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का संकल्प लिया। अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार पर धमकाने और अत्यधिक प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को गंतव्य तक पहुंचने से रोकने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय किए हैं।



विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिकारी और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटे बिना रक्षाबंधन भी मनाया। यह राज्य की संचालित आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के दुष्कर्म-हत्या की पहली वर्षगांठ थी।

मार्च में शामिल होने से पहले राज्य विधानसभा के निकट पत्रकारों से बात करते हुए अधिकारी ने कहा था कि लगभग 20 भाजपा विधायक वहां एकत्र हुए हैं और जल्द ही आरजी कार पीड़िता के माता-पिता से मिलने के लिए डोरीना क्रॉसिंग जाएंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि 'नबन्ना अभिजन' (नबन्ना तक मार्च) कोई राजनीतिक रैली नहीं है, बल्कि इसे मारे गए डॉक्टर के माता-पिता की ओर से बुलाया गया है। उन्होंने आंदोलन में विविधतापूर्ण भागीदारी की बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा सदस्यों के अलावा इसमें एसयूसीआई से जुड़े व्यक्ति, महिलाएं और विभिन्न मठों और मंदिरों के साधु भी शामिल हैं।

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