फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Revealing the rise in the price of Gorshkov not in the national interest

गोर्शकोव की कीमत में वृद्धि का खुलासा राष्ट्रहित में नहीं 

Mon, 02 Apr 2018 04:56 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Mon, 02 Apr 2018 04:56 AM IST
विज्ञापन
Revealing the rise in the price of Gorshkov not in the national interest
गोर्शकोव
रूस ने भारत को सौंपे जाने वाले विमानवाहक पोत एडमिरल गोर्शकोव की कीमत में इजाफा किया है, पर इसके कारण का खुलासा करना राष्ट्र और राजनयिक हित में नहीं है। केंद्रीय सूचना आयोग के आदेश को चुनौती देते हुए रक्षा मंत्रालय ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष यह बात कही है। सीआईसी ने अपने आदेश में कहा था कि सरकार कारण बताए कि क्यों वह बढ़ी कीमत पर राजी हुई। 
विज्ञापन


इस पर रक्षा मंत्रालय ने याचिका दायर कर कहा कि भारत और रूस सरकार के बीच हुआ समझौता ऐसी सूचना देने से प्रतिबंधित करता है। यह समझौता आरटीआई कानून की धारा 8(1)ए के तहत मिली छूट में आएगा। इस समझौते के खंड 9 में कहा गया है कि बिना आपसी सहमति के कोई भी सूचना न दी जाए। ऐसी कोई सूचना देना संसदीय विशेषाधिकार और राष्ट्रहित के हनन का भी मामला होगा। 
विज्ञापन


ज्ञात हो कि 2004 में एनडीए सरकार में भारत और रूस के बीच गोर्शकोव का सौदा 97.4 करोड़ डॉलर में तय हुआ था। पर 2010 में  कीमत बढ़कर 2.35 अरब डॉलर हो गई। बाद में इस पोत का नाम आईएनएस विक्रमादित्य हो गया। कीमत बढ़ाए जाने और अन्य मुद्दों के बारे में आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल ने याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद सूचना आयुक्त ने कीमतों के खुलासे का आदेश दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed