फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Return fees within 7 days, AICTE instructed to higher education institution

AICTE का उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश, सात दिन में लौटाएं फीस

Wed, 29 Mar 2017 10:04 PM IST
amarujala.com- Presented by: मुकेश झा
amarujala.com- Presented by: मुकेश झा Updated Wed, 29 Mar 2017 10:04 PM IST
विज्ञापन
 Return fees within 7 days, AICTE instructed to higher education institution
एआईसीटीई

देेशभर में इंजीनियरिंग समेत उच्च शिक्षण संस्थानों में जुलाई सत्र में दाखिला लेने वाले छात्र यदि सत्र के बीच में पढ़ाई छोड़ देते हैं या फिर किसी कारण से दाखिला नहीं ले पाते हैं तो संस्थान को उनकी फीस व सर्टिफिकेट सात दिन के भीतर वापस करने होंगे। यदि कोई संस्थान नियम का पालन नहीं करता है तो उसकी मान्यता तक रद हो सकती है।

विज्ञापन


अभिभावकों की शिकायत और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दखल पर ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने देशभर के इंजीनियरिंग संस्थानों को यह निर्देश दिया है। हालांकि संस्थान कुल फीस में से प्रोसेसिंग फीस के साथ हॉस्टल शुल्क वसूल सकता है।
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक, देशभर से अभिभावकों और छात्रों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को शिकायत दी थी कि दाखिले के बाद यदि उन्हें सीट छोड़नी होती है या फिर किसी कारणवश वे सत्र के बीच में पढ़ाई छोड़ते हैं तो फिर इंजीनियरिंग संस्थान उनकी फीस और सर्टिफिकेट रख लेते हैं। इसके चलते उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अन्य जगह दाखिला लेने में भी दिक्कत होती है, क्योंकि उक्त संस्थान उनके मूल सर्टिफिकेट रख लेते हैं। अभिभावकों की इस शिकायत के बाद मंत्रालय ने एआईसीटीई को इस संबंध में इंजीनियरिंग संस्थानों को उचित दिशानिर्देेश जारी करने को कहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

सात दिन के भीतर वापस करने होंगे मूल सर्टिफिकेट

 Return fees within 7 days, AICTE instructed to higher education institution
AICTE

इसी आधार पर एआईसीटीई ने देशभर के इंजीनियरिंग और उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया कि जुुलाई सत्र से यदि कोई छात्र सीट छोड़ता है या फिर सत्र के बीच में पढ़ाई छोड़ देता है तो फिर ऐसी स्थिति में छात्र की दाखिला फीस और मूल सर्टिफिकेट सात दिन के भीतर वापस करने होंगे। इसके साथ ही ट्रांसफर सर्टिफिकेट भी जारी कर दें। संस्थान छात्र से प्रोसेसिंग फीस के तौर पर एक हजार रुपये और मासिक शुल्क व हॉस्टल रेंट में से कुछ धनराशि रख सकता है।

इसके अलावा यदि खाली सीट भरती नहीं है तो  संस्थान को सिक्योरिटी डिपॉजिट और असल दस्तावेज लौटाने होंगे। साल के किसी भी समय अपना नाम कटवाने वाले छात्रों से बाद के वर्षों की फीस लेने का संस्थान को अधिकार नहीं है। एआईसीटीई ने अपने निर्देेश में कहा  कि यदि कोई संस्थान नियम नहीं मानता है तो फिर उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसके अलावा यदि कोई संस्थान छात्र का पैसा वापस नहीं करता है तो फिर संस्थान ने जितनी फीस जमा करवाई है, उसका दोगुना जुर्माना लगेगा और कोर्स या प्रोग्राम के लिए दी गई मंजूरी भी निरस्त की जा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed