जस्टिस चौहान बने डीईआरसी के चेयरमैन, पहली बार इस पद पर हुई किसी पूर्व न्यायाधीश की नियुक्ति
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दिल्ली इलेक्ट्रीसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) के चेयरपर्सन के रूप में रिटायर्ड जस्टिस सत्येन्द्र सिंह चौहान ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। पहली बार इस पद पर किसी पूर्व न्यायाधीश की नियुक्ति हुई है। यह कमीशन दिल्ली में बिजली की दरों को तय करने से सम्बंधित निर्णय लेता है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, ऊर्जा मंत्री सत्येन्द्र जैन और अन्य विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में उन्होंने अपना पदभार सम्भाला। आज उनका जन्मदिन भी था। मुख्यमंत्री ने उन्हें कार्यभार संभालने और जन्मदिन की बधाई दी।
सबके साथ न्याय पहली प्राथमिकता
अपना पदभार संभालने के बाद अमर उजाला से बातचीत करते हुए पूर्व जस्टिस सत्येन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि बिजली से जुड़े सभी वर्गों के साथ न्याय होना उनकी पहली प्राथमिकता है। वे चाहेंगे कि इस मुद्दे से जुड़ी कम्पनियां, उपभोक्ता और DERC के बीच सहयोग बना रहे और दिल्ली की जनता को बेहतर लाभ मिले।
दिल्ली की जनता को मिलेगा फायदा
राजधानी दिल्ली में बिजली कंपनियों द्वारा की जा रही कथित लूट को बड़ा सियासी मुद्दा बनाकर मुख्यमंत्री बने केजरीवाल ने इस अवसर पर कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि बिजली से जुड़े सभी लोग खुश हैं। जनता को न्यूनतम दरों पर बिजली मिल रही है, बिजली कम्पनियों की बैलेंस शीट अच्छी स्थिति में है और सरकार भी सन्तुष्ट है।
उन्होंने कहा कि पूर्व जस्टिस की अध्यक्षता में कमीशन सभी पक्षों के साथ न्याय करेगा, ऐसी उन्हें उम्मीद है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों को बिजली के मामले में सबसे बेहतरीन सेवा मिल रही है। इस समय बिजली की कटौती न के बराबर हो रही है और सबके पास बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। बिजली के संदर्भ में दिल्ली के लोगों के लिए यह अब तक का 'बेस्ट पीरियड' कहा जा सकता है।
ऊर्जा मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा कि पिछले 5 साल से दिल्ली में बिजली की कीमतों में कोई बढोतरी नहीं हुई है और वे कोशिश करेंगे कि अगले और पांच साल भी इसमें कोई बढ़ोतरी न हो।