फैसला: बंगाल हिंसा की जांच के लिए बनी एसआईटी का नेतृत्व करेंगी रिटायर्ड जज मंजुला चेल्लूर, हाई कोर्ट ने जारी किया आदेश
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा से जुड़े मामलों की जांच को लेकर हाईकोर्ट एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था। एसआईटी को रिटायर्ड जज मंजुला चेल्लूर नेतृत्व करेंगी।
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कलकता हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लूर के नेतृत्व में बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच होगी। कोलकता हाई कोर्ट की ओर से गठित एसआईटी का नेतृत्व मंजुला चेल्लूर करेंगी। हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है। इससे पहले हिंसा के मामले में महिलाओं के खिलाफ अपराध और हत्या के मामलों की जांच के लिए सीबीआई ने संयुक्त निदेशक के नेतृत्व में चार टीमों का गठन किया था, सीबीआई ने हाई कोर्ट के सामने अपनी रिपोर्ट भी सौंपी थी, जिसमें हिंसा की बात का जिक्र किया गया है।
Retired Chief Justice of Calcutta HC, Manjula Chellur to head the SIT constituted by Calcutta HC to probe the alleged post-poll violence cases during West Bengal assembly polls pic.twitter.com/nk9tile4rw
— ANI (@ANI) September 3, 2021विज्ञापन
हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने इसी साल हुए राज्य विधानसभा चुनावों के बाद हिंसा की घटनाओं की स्वतंत्र जांच के वाली याचिकाओं पर सर्वसम्मति से फैसला सुनाते हुए अन्य सभी मामलों की जांच के लिए एक एसआईटी गठन का आदेश दिया था। जजों की इस बेंच में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल के साथ न्यायमूर्ति आई पी मुखर्जी, न्यायमूर्ति हरीश टंडन, न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार शामिल थे।
सभी मामलों की जांच के लिए दिए गए आदेश
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने कई याचिकाओं पर एकमत से फैसला लिया था। अदालत ने अन्य सभी मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने का भी आदेश दिया। विशेष जांच दल में पश्चिम बंगाल कैडर के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी सुमन बाला साहू, सौमेन मित्रा और रणवीर कुमार शामिल होंगे।