फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Retail inflation inches up in October than September

अक्तूबर में खुदरा महंगाई 7.61 फीसदी, नौ महीने में सबसे ज्यादा

Thu, 12 Nov 2020 09:00 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 12 Nov 2020 09:00 PM IST
विज्ञापन
Retail inflation inches up in October than September
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

अक्तूबर में खुदरा महंगाई के मामले में बड़ा झटका लगा है। खाने-पीने की चीजों की बढ़ी कीमतों की वजह से पिछले माह खुदरा महंगाई बढ़कर 7.61 फीसदी हो गई। यह नौ माह का उच्चतम स्तर है। इससे पहले सर्वाधिक खुदरा महंगाई दर 7.59 फीसदी इस साल जनवरी में दर्ज की गई थी।

विज्ञापन


इस सितंबर में खुदरा महंगाई दर 7.27 फीसदी थी। जबकि अक्तूबर 2019 में दर 4.62 फीसदी थी। पिछले साल के मुकाबले इस अक्तूबर खुदरा महंगाई दर 2.99 फीसदी ज्यादा रही है। गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) अक्तूबर में 11.07 प्रतिशत हो गया, जो सितंबर में 10.68 प्रतिशत था। 
विज्ञापन


ब्याज दरों में राहत की उम्मीद कम
ताजा आंकड़े आने के बाद अब आने वाले वक्त में रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दर घटाकर अर्थव्यवस्था को रफ्तार देेने में मुश्किल हो सकती है। गौरतलब है कि खुदरा महंगाई दर अक्तूबर 2019 से 4 फीसदी के स्तर से अधिक पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगस्त में मिली थी मामूली राहत
खाने के सामान की महंगाई दर कम होने से अगस्त, 2020 में खुदरा महंगाई में थोड़ी राहत मिली थी। इसके चलते दर जुलाई के 6.73 फीसदी से कम होकर 6.69 फीसदी रही।

औद्योगिक उत्पादन में सितंबर में 0.2 फीसदी वृद्धि
देश के औद्योगिक उत्पादन में सितंबर माह के दौरान मामूली मगर सकारात्मक रुख दिखा। खनन और बिजली उत्पादन क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से सितंबर महीने में औद्योगिकी उत्पादन सूचकांक में 0.2 फीसदी वृद्धि रही।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के ताजा आंकड़े के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में 0.6 फीसदी की गिरावट रही। हालांकि, खनन व बिजली खंडों में उत्पादन में क्रमश: 1.4 और 4.9 फीसदी की वृद्धि हुई। आईआईपी के पिछले साल सितंबर के आंकड़े को देखा जाए तो इसमें 4.6 फीसदी की गिरावट आई थी।

सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ‘लॉकडाउन’ से जुड़ी पाबंदियों में ढील के साथ आर्थिक गतिविधियों में अपेक्षाकृत सुधार हुआ है। इसके साथ आंकड़ा संग्रह की स्थिति भी बेहतर हुई है। मंत्रालय ने कहा कि महामारी के बाद के महीनों के आईआईपी आंकड़ों की तुलना महामारी वाले महीनों से करना उपयुक्त नहीं है।

 

महंगाई पर काबू पाने के उपाय कर रही है सरकार: सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि जल्दी खराब होने वाले सामानों का मुद्रास्फीति पर दबाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए अल्प तथा मध्यम अवधि के उपाय कर रही है।

थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति सितंबर में सात महीने के उच्च स्तर 1.32 फीसदी पर पहुंच गई। वहीं, खुदरा महंगाई दर खाद्य वस्तुओं खासकर सब्जियों के दाम में तेजी से आठ महीने के उच्च स्तर 7.34 फीसदी पर पहुंच गई।

सीतारमण ने कहा कि कुछ जिलों में बाढ़ के कारण मौसमी उत्पादों की कीमतों में तेजी आई है। सरकार उनके बेहतर तरीके से रखरखाव, लंबे समय तक उन्हें खाने लायक बनाए रखने और प्याज व आलू जैसी फसलों के लिए ऐसी भंडारण व्यवस्था कर रही है, जिस पर मौसम का कोई असर नहीं पड़े।

उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों (फल और सब्जी) के दाम बढ़े हैं और इसका प्रमुख कारण कुछ जिलों मे बाढ़ का आना है... सरकार अल्पकालिक और मध्यम अवधि दोनों उपायों पर काम कर रही है। अल्प अवधि और मध्यम अवधि के लिये जहां भी आयात की जरूरत हुई, मंजूरी दी गई, पर्याप्त निवेश आकर्षित किए जा रहे हैं और कृषि संबंधी ढांचागत सुविधा के लिए प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जा रहे है।’

बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने भी बुधवार को देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर अपनी एक रिपोर्ट में मुद्रास्फीति के दबाव की बात स्वीकार की थी। इसमें कहा गया है कि इससे आर्थिक पुनरुद्धार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने को लेकर जोखिम बना हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed