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इस्तीफा: ललथनहवला ने मिजोरम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से दिया त्यागपत्र, पिछले माह दिए थे संन्यास के संकेत
Sat, 04 Dec 2021 06:42 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 04 Dec 2021 06:42 PM IST
सार
मिजोरम के पूर्व मुख्यमंत्री ललथनहवला ने नवंबर में राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि वह जल्द ही राजनीति से संन्यास ले लेंगे ।
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ललथनहवला
- फोटो : PTI
विस्तार
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को मिजोरम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से डॉ. ललथनहवला का इस्तीफा मंजूर कर लिया। ललथनहवला ने बीते दिनों पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष को इस्तीफा भेजा था।
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ललथहवला का लिखे पत्र में सोनिया गांधी ने लिखा कि मैं बहुत ही अनिच्छापूर्वक आपका इस्तीफा मंजूर कर रही हूं। इस मौके पर सोनिया गांधी ने मिजोरम के पूर्व सीएम व वरिष्ठ कांग्रेस नेता ललथनहवला के पार्टी के साथ गहरे जुड़ाव को याद किया और आगे भी उनके अनुभव का लाभ पार्टी को मिलते रहने की उम्मीद जताई।
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उनका इस्तीफा मंजूर करते हुए उम्मीद जताई कि वह इंदिराजी व राजीव जी के जमाने से कांग्रेस से जुड़े हैं। मैंने उन्हें कांग्रेस कार्यसमिति में शामिल करने की पेशकश की है, ताकि उनके सुदीर्घ अनुभव का लाभ पार्टी को और उनके उत्तराधिकारी मिजोरम कांग्रेस के नए अध्यक्ष को मिलता रहे।
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पिछले माह दिए थे संकेत
मिजोरम के पूर्व मुख्यमंत्री ललथनहवला ने पिछले माह यानी नवंबर में राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि वह जल्द ही राजनीति से संन्यास ले लेंगे और प्रदेश में पार्टी के नेतृत्व को किसी युवा और ऊर्जावान नेता को सौंप देंगे।
80 साल से ज्यादा है उम्र
कांग्रेस नेता ललथनहवला की उम्र 80 से ऊपर है। उन्होंने नवंबर में मीडियाकर्मियों से कहा था कि वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। उन्होंने 2023 में होने वाले मिजोरम विधानसभा चुनाव में नहीं लड़ने का भी एलान किया था।
पांच बार मुख्यमंत्री रहे हैं ललथनहवला
ललथनहवला 1960 के दशक में मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के नेतृत्व वाले भूमिगत आंदोलन में शामिल हो गए थे और 1967 में जेल से रिहा होने के बाद सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया था।1973 में वह मिजोरम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के अध्यक्ष बने, जिस पद पर वे आज तक हैं।
ललथनहवला का मिजोरम के सीएम के तौर पर लंबा अनुभव रहा है। 1978 में केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव में विधायक के रूप में चुने जाने के बाद, ललथनहवला 1998 और 2018 में केवल दो विधानसभा चुनाव हारे थे। वह 1984 से 2018 के बीच पांच बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। बीते 6 कार्यकालों में मिजोरम में दो ही मुख्यमंत्री रहे हैं।