Telangana SLBC Tunnel: सुरंग के अंदर मिला एक और शव, अब तक दो की बरामदगी; निकालने के प्रयास में लगा बचाव दल
तेलंगाना की एसएलबीसी सुरंग से अब तक दो शव बरामद हो चुके हैं। दुर्घटना के 33 दिन बाद मंगलवार को एक और शव मिला है। खराब स्थिति में फंसे होने के चलते बचाव दल की टीमें शव को निकालने के प्रयास में लगी हैं। इससे पहले, 9 मार्च को भी बचाव दल ने एक श्रमिक का शव बरामद किया था, जिसकी पहचान गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई थी।
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तेलंगाना के नागरकुरनूल में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग के अंदर मंगलवार सुबह एक और श्रमिक का शव मिला है। यह शव खराब स्थिति में फंसा हुआ है। बचाव दल शव को निकालने का प्रयास कर रहा है। बचाव दल के अनुसार, 'आज सुबह हमें एक और शव फंसा हुआ मिला। फिलहाल हम उसे निकालने का प्रयास कर रहे हैं।'
बता दें कि एसएलबीसी सुरंग 22 फरवरी 2025 को ढह गई थी। दुर्घटना में आठ श्रमिक सुरंग के अंदर फंस गए थे। तभी से श्रमिकों को सुरंग से बाहर निकालने के लिए बचाव दल की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। हालांकि, 9 मार्च को बचाव दल ने इन श्रमिकों में से एक गुरप्रीत सिंह का शव बरामद किया था। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मृतकों के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी।
बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे वरिष्ठ IAS शिव शंकर
इससे पहले, मुख्यमंत्री रेड्डी ने अधिकारियों को सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों का पता लगाने और बचाव अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव शांति कुमारी को निर्देश दिया कि वह वरिष्ठ IAS अधिकारी शिव शंकर लोटेटी को विशेष अधिकारी नियुक्त करें, ताकि वे बचाव कार्यों की निरंतर निगरानी कर सकें।
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CM रेड्डी ने बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
इसके अलावा, मुख्यमंत्री रेड्डी ने सोमवार को विधानसभा भवन में एसएलबीसी सुरंग में चल रहे बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मंत्री एन उत्तम एन कुमार रेड्डी, जुपल्ली कृष्ण राव, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, मुख्य सचिव शांति कुमारी और अन्य शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया।
बचाव अभियान में 700 कर्मचारी शामिल
आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष मुख्य सचिव अरविंद कुमार और कर्नल परीक्षित मेहरा ने बचाव अभियान की प्रगति के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न विंग, निजी संगठन और 25 एजेंसियां लगी हैं। इस अभियान में कुल 700 कर्मचारी शामिल हैं।
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बचाव दल ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन से CM को दी स्थिति की जानकारी
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री रेड्डी को बताया कि बचाव दल मलबे को हटाने के साथ ही टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के पुर्जों को अलग कर रहे हैं। इसके अलावा, सुरंग के अंदर से मिट्टी के टीले, गाद और रिसाव वाले पानी को साफ किया जा रहा है। बैठक के दौरान बचाव दल प्रमुखों ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन भी दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को सुरंग में मौजूदा स्थिति और बचाव अभियान के बारे में जानकारी दी।
दुर्घटना क्षेत्र का 30 मीटर हिस्सा सबसे खतरनाक
बैठक में शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि खराब हवा और अंधेरे के कारण बचाव अभियान देरी से चल रहा है, क्योंकि दुर्घटना सुरंग के प्रवेश द्वार से 14 किलोमीटर अंदर हुई है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि दुर्घटना क्षेत्र के 30 मीटर हिस्से को सबसे खतरनाक क्षेत्र के रूप में पहचाना गया है।
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