{"_id":"5e2bcb908ebc3e4b37680ce1","slug":"republic-day-2020-jair-bolsonaro-meet-president-kovind-and-pm-narendra-modi-live-updates","type":"story","status":"publish","title_hn":"बोलसोनारो का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत, पीएम मोदी के साथ की द्विपक्षीय बैठक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बोलसोनारो का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत, पीएम मोदी के साथ की द्विपक्षीय बैठक
Sat, 25 Jan 2020 01:38 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sat, 25 Jan 2020 01:38 PM IST
विज्ञापन
Jair Messias Bolsonaro Narendra Modi
- फोटो : ani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो ने भारत और ब्राजील के बीच कूटनीतिक संबंधों में नयी गति पैदा करने के उद्देश्य से शनिवार को विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर मेसियस बोलसोनारो से बातचीत के बाद कहा, हम भारत और ब्राजील के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर सहमत हुए हैं।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हमारी सामरिक साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए एक वृहद कार्य योजना तैयार किया गया है । साल 2023 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों का प्लैटिनम जुबली वर्ष होगा। भारत और ब्राजील के बीच जैव ऊर्जा, पशुधन अनुवांशिकी, स्वास्थ्य, पारंपरिक औषधि, साइबर सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी, तेल एवं गैस तथा संस्कृति जैसे विविध क्षेत्रों में हमारा सहयोग और तेजी से आगे बढ़ेगा ।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हमने तय किया है कि दोनों देश बहुस्तरीय मुद्दों पर अपने सहयोग को और सुदृढ़ बनायेंगे तथा हम सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में आवश्यक सुधार के लिए मिलकर प्रयास करेंगे। हम रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के लिए नए तरीकों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और रक्षा सहयोग में हम व्यापक दृष्टिकोण आधारित सहयोग चाहते हैं।
विज्ञापन
बोलसोनारो बोले- हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाया
ब्राजील के राष्ट्रपति जे एम बोलसोनारो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा के बाद कहा कि हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाया है।
अधिकारियों ने बताया कि बातचीत में दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश के अहम क्षेत्रों, ऊर्जा, रक्षा तथा सुरक्षा, औषधि तथा वैज्ञानिक शोध में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया।
दोनों देशों के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए करीब 15 समझौतों पर दस्तखत किए हैं। इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बोलसोनारो से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
बैठक के बाद जयशंकर ने ट्वीट किया कि बोलासोनारो की यात्रा से द्विपक्षीय सहयोग के लिए नए अवसर पैदा होंगे। ब्राजील के राष्ट्रपति का राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में राष्ट्रपति भवन में रस्मी स्वागत किया गया।
बोलसोनारो शुक्रवार को यहां पहुंचे थे। उसके साथ उनकी बेटी लौरा बोलसोनारो, बहू लैटीसिया फिर्मो, आठ मंत्री, ब्राजील की संसद के चार सदस्य और बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल आया है।
बोलसोनारो 24-27 जनवरी तक भारत की यात्रा पर हैं और वह 26 जनवरी को भारत के 71वें गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाली परेड में मुख्य अतिथि हैं। दक्षिणी अमेरिका के सबसे बड़े देश ब्राजील के साथ भारत के संबंध पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रगाढ़ हुए हैं। ब्राजील की आबादी 21 करोड़ और अर्थव्यवस्था 1,800 अरब डॉलर है।
बता दें कि 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने बोलसोनारो को गणतंत्र दिवस समारोह का निमंत्रण दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया था। बोलसोनारो की यात्रा के दौरान भारत-ब्राजील के बहुआयामी संबंधों को और बढ़ने व मजबूत होने की उम्मीद है।
तीसरी बार ब्राजील के राष्ट्रपति
1996 और 2004 में भी ब्राजील के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बन चुके हैं। वहीं, 2016 में ब्राजील के राष्ट्रपति मिशेल टेमेर गोवा में आयोजित 8वीं ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) शिखर सम्मेलन में शिरकत करने भारत आए थे।
यात्रा से मजबूत होंगे द्विपक्षीय रिश्ते
बोलसोनारो के भारत दौरे से दोनों देशों के बीच संबंधों में गर्माहट आने की उम्मीद है। भारत में ब्राजील के राजदूत आंद्रे अरान्हा कोरया डो लागो ने कहा कि राष्ट्रपति भारत दौरे को लेकर उत्साहित हैं। उनका फोकस ऊर्जा, कृषि और रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के आपसी संबंधों को मजबूत करने पर होगा। हम दोनों देशों के बीच सामरिक भागीदारी के लिए कार्ययोजना शुरू करेंगे।