गणतंत्र दिवस: इन वीरों को मिला शौर्य चक्र, 54 लोगों को जीवन रक्षा पदक श्रृंखला पुरस्कार
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पूरे देश में रविवार को 71वें गणतंत्र दिवस का समारोह धूमधाम से मनाया जाएगा। इस मौके पर आतंकियों का डटकर सामना करने वाले वीर जवानों को सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद लेफ्टिनेंट कर्नल ज्योति लामा, मेजर केबी सिंह, सूबेदार एन सिंह, नाइक एस कुमार और सिपाही के ओराण को शौर्य चक्र से सम्मानित करेंगे।
राष्ट्रपति जम्मू कश्मीर में विदेशी आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए सूबेदार सोमबीर को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित करेंगे। सिपाही ओराण को यह सम्मान नियंत्रण रेखा पर अभियान के लिए मिलेगा। जिसमें उनकी बुलेटप्रूफ पटका पर एक गोली लगी था। इसके बाद उन्होंने नौ ग्रेनेड दागे और चार आतंकवादियों के हमले को विफल करते हुए दो आतंकियों को मार गिराया था।
लेफ्टिनेंट कर्नल ज्योति लामा को शौर्य चक्र पिछले साल जुलाई में मणिपुर में एक अभियान के दौरान दो आतंकियों को मार गिराने के लिए दिया जाएगा। उन्हें अपने ऑपरेशन वाले क्षेत्र में चौदह कट्टर आतंकवादियों को पकड़ने का भी श्रेय जाता है।
पैराशूट रेजीमेंट (विशेष बल) के नायब सूबेदार नरेंद्र सिंह को नियंत्रण रेखा पर एक ऑपरेशन के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। जहां उन्होंने दो आतंकवादियों को मार गिराया और एक को घायल कर दिया था। आतंकवादी वहां भारतीय सेना के ठिकानों पर हमला करने की योजना बना रहे थे।
#RepublicDay : Naib Subedar Narender Singh of Parachute Regiment (Special Forces) awarded Shaurya Chakra for an operation on the Line of Control where he killed two terrorists and injured one. The terrorists were planning to attack Indian Army positions there.
— ANI (@ANI) January 25, 2020
जम्मू कश्मीर पुलिस को सबसे अधिक 108 वीरता पदक, सीआरपीएफ को 76 पदक
गणतंत्र दिवस के अवसर पर 108 पदकों के साथ जम्मू कश्मीर पुलिस को सबसे अधिक वीरता पदक प्रदान किए गए हैं और इसके बाद सीआरपीएफ को 76 पदक मिले हैं। यह जानकारी शनिवार को जारी एक आदेश में दी गई। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि केंद्रशासित पुलिस कश्मीर घाटी में आतंकवाद रोधी अभियानों में निरंतर शामिल रही है, जिसे तीन शीर्ष राष्ट्रपति पुलिस पदक (पीपीएमजी) भी मिले हैं, जबकि सीआरपीएफ को एक राष्ट्रपति पुलिस पदक (मरणोपरांत) मिला है।
जम्मू कश्मीर पुलिस को वीरता के लिए 105 पुलिस पदक (पीएमजी) और तीन पीपीएमजी दिए गए हैं। इसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को 75 पीएमजी मिले हैं। इसे एक पीपीएमजी (मरणोपरांत) मिला है। केंद्रशासित क्षेत्र में आतंकवाद रोधी ड्यूटी में सीआरपीएफ भी तैनात है। झारखंड पुलिस को 33 पीएमजी दिए गए हैं। इन पदकों की घोषणा साल में दो बार गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है।
54 लोगों को मिलेगा जीवन रक्षा पदक श्रृंखला पुरस्कार-2019
राष्ट्रपति ने 54 व्यक्तियों को जीवन रक्षा पदक श्रृंखला पुरस्कार- 2019 प्रदान करने की मंजूरी दे दी है। इसमें सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक के लिए सात, उत्तम जीवन रक्षा पदक के लिए आठ और जीवन रक्षा पदक के लिए 39 व्यक्तियों को शामिल किया गया है। पांच लोगों को यह पुरस्कार मरणोपरांत दिया जा रहा है। विवरण इस प्रकार हैं:-
सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक
- मास्टर फिरोज ई. पी. (मरणोपरांत), केरल
- महेश पांडुरंग साबले, महाराष्ट्र
- स्पेनलिनस एल. गेड्यू (मरणोपरांत), मेघालय
- लालरेम्पुइया (मरणोपरांत), मिज़ोरम
- मंजीत सिंह (मरणोपरांत), हरियाणा
- पैकिया राज एम, जम्मू-कश्मीर
- जगबीर सिंह (मरणोपरांत), हरियाणा
उत्तम जीवन रक्षा पदक
- मीसाला आनंद, आंध्र प्रदेश
- जीवन एंटनी, केरल
- सरिता के., केरल
- कमलदेव एन. एम., केरल
- शम्मास वी. पी., केरल
- सी. लियानहौला, मिज़ोरम
- शिवचरण सिंह, राजस्थान
- मुकेश कुमार मीणा, राजस्थान
जीवन रक्षा पदक
- गुंडापु राजेश, आंध्र प्रदेश
- दिनेशभाई नरसिंह भाई वसावा, गुजरात
- फिरोजभाई फतुभाई मुल्तानी, गुजरात
- प्रणवीरसिंह चंदनसिंह सरवैया, गुजरात
- पृथ्वीसिंह रंजीतसिंह जडेजा, गुजरात
- श्रवणकुमार चंदूभाई वसावा, गुजरात
- मो. यूनिस अवान, जम्मू-कश्मीर
- जाकिर हुसैन, जम्मू-कश्मीर
- मकसूद अहमद, जम्मू-कश्मीर
- शबीर अहमद डार, जम्मू-कश्मीर
- आंचल पी. पी., केरल
- राहुल जाट, मध्य प्रदेश
- नदीम खान, मध्य प्रदेश
- संजीव धाकड़, मध्य प्रदेश
- राकेश तिवारी, मध्य प्रदेश
- लोकेश गाथे, मध्य प्रदेश
- तहज़ीब काज़ी, मध्य प्रदेश
- एवरब्लूम के. नोंग्रम, मेघालय
- निही फ्रेडी वार, मेघालय
- लालवाम्पुइया, मिज़ोरम
- आर. श्रीधर, तमिलनाडु
- ममलेश सिंह, उत्तराखंड
- विनोद थपलियाल, उत्तराखंड
- कुंवर दिव्यांश सिंह, उत्तर प्रदेश
- एम. समयमुथु, अंडमान और निकोबार
- महेश सिंह गुर्जर, राजस्थान
- इंद्रजीत सिंह, दिल्ली
- पंकज काला, हरियाणा
- रूबेन बी. मालसावमत्लुआंग, हिमाचल प्रदेश
- एन. कार्तिकेयन, महाराष्ट्र
- प्रशांत कुमार, उत्तर प्रदेश
- मुकेश कुमार, आंध्र प्रदेश
- आशुतोष शर्मा, केरल
- सिद्दप्पा केम्पन्ना होसत्ती, कर्नाटक
- शिवानंद दशरथ होसत्ती, कर्नाटक
- प्रमोद बालासाहेब देवदे, महाराष्ट्र
- शिवराज रामचंद्र भंडारवाड, महाराष्ट्र
- तेंगले दत्तात्रेय सुरेश, महाराष्ट्र
- विशाल पंजाबराव पोत्कात्रे, छत्तीसगढ़
जीवन रक्षा पद श्रृंखला किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए मानव स्वभाव के सराहनीय कार्य के लिए दी जाती है। यह पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए गए हैं, अर्थात सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, उत्तम जीवन रक्षा पदक और जीवन रक्षा पदक। जीवन के सभी क्षेत्रों के व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। यह पुरस्कार मरणोपरांत भी दिया जा सकता है। यह पुरस्कार (पदक, केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र और एकमुश्त मौद्रिक भत्ता) संबंधित केंद्रीय मंत्रालय/ संगठन/ राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है।