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Republic Day 2019: जानिए कैसे बनकर तैयार हुआ हमारा संविधान
Sat, 26 Jan 2019 12:35 PM IST
shubham
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: shubham
Updated Sat, 26 Jan 2019 12:35 PM IST
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republic day
- फोटो : अमर उजाला
देश आज अपना 70वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इसी दिन 1950 में भारत सरकार अधिनियम एक्ट (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था। 15 अगस्त को देश को 200 साल बाद गुलामी से आजादी मिली। जिसके बाद संविधान बना। एक समय पर सोने की चिड़िया कहलाए जाने वाले हमारे देश की बहुत सी बातें ऐसी हैं जिनसे हमें गर्व महसूस होता है। उन्हीं में से एक है हमारा संविधान, जो लचीला, सुरक्षित और कलात्मक है। चलिए जानते हैं कि हमारा संविधान कैसे बना-
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ड्राफ्टिंग समिति
15 अगस्त, 1947 को देश के आजाद होने के बाद 29 अगस्त को संविधान सभा की ड्राफ्टिंग समिति का गठन किया गया। इसकी पहली बैठक 9 दिसंबर, 1946 को हुई। ड्राफ्टिंग समिति में कुल सात सदस्य थे जिनको संविधान का एक मसौदा तैयार करना था। ये सदस्य थे, डॉ. भीम राव अमबेडकर (अध्यक्ष), एन गोपाल स्वामी आयंगर, अलादी कृष्ण स्वामी आयार, डॉ. के एम मुंशी, सैयद मोहम्मद सादुल्लाह, एन माधव राव, और टी टी कृष्णमचारी। इनके अलावा संविधान सभा ने बी एन राव को संवैधानिक सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया था।
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2 साल से भी लंबा वक्त
संविधान को बनने में 2 साल, 11 माह, 17 दिन लगे। भारतीय संविधान पर संविधान सभा के 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए। इनमें 15 महिलाएं थीं। इस दौरान कई बार संविधान का मसौदा पेश किया गया। जिनपर विचार विमर्श भी हुआ।
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संविधान की प्रस्तावना
हमारे संविधान की प्रस्तावना संविधान के उद्देश्य के बारे में बताती है। जब कभी विभिन्न धाराओं के बीच जज को फैसला लेने में परेशानी होती है तो ये प्रस्तावना सही रास्ता दिखाती है। प्रस्तावना अमेरिकी संविधान से प्रेरित है। दोनों 'वी द पीपल' से शुरू होती है। हमारी प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व के आदर्श फ्रांसीसी संविधान से लिए गए हैं।
संविधान का पहला मसौदा
ड्राफ्टिंग समिति ने संविधान का पहला मसौदा फरवरी, 1948 में प्रकाशित किया था। इसपर चर्चा के लिए आठ महीने का समय निश्चित किया गया। सार्वजनिक टिप्पणी, आलोचनाओं और सुझावों के बाद ड्राफ्टिंग समिति ने दूसरा मसौदा तैयार किया जिसे अक्तूबर 1948 में प्रकाशित किया गया।
अंतिम मसौदा
डॉ. बी आर अंबेडकर ने संविधान का अंतिम मसौदा 4 नवंबर, साल 1948 को संविधान सभा में पेश किया। इसके बाद संविधान की धाराओं पर विस्तृत विचार विमर्श किया गया। संविधान सभा में भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। जिसे गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसके अंतर्गत एक उद्देशिका, 395 आर्टिकल और 8 अनुसूचियां शामिल हैं। संविधान के लागू होने के बाद से अब तक इसमें 103 संशोधन किए जा चुके हैं।