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Modi 3.0: आत्मविश्वास से लबरेज दिखे 'मैं नरेंद्र दामोदर दास मोदी', कैबिनेट में दिखा फ्री हैंड, ऐसे साधी सियासत

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 10 Jun 2024 12:05 AM IST
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सार
पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में हर प्रांत, जाति और समुदायों के प्रतिनिधियों को स्थान दिया गया है। हरियाणा जैसा राज्य, जहां भाजपा ने लोकसभा की दस में से पांच सीटों पर जीत दर्ज कराई है, यहां से एक कैबिनेट, एक राज्य मंत्री 'स्वतंत्र प्रभार' और एक राज्य मंत्री को शामिल किया गया है। वजह, अगले चार माह में हरियाणा के विधानसभा चुनाव होने हैं। 
 
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Representatives of every province, caste and communities in PM Modi cabinet Know everything
पीएम मोदी की नई कैबिनेट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मोदी 3.0 सरकार के मंत्रिमंडल गठन में आत्मविश्वास से लबरेज हो नरेंद्र मोदी ने 'मैं नरेंद्र दामोदर दास मोदी' बोलते हुए, प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल में भाजपा एवं एनडीए के '71' सहयोगियों को बतौर कैबिनेट, राज्य मंत्री 'स्वतंत्र प्रभार' और राज्य मंत्री के तौर पर शामिल किया है। लोकसभा चुनाव के बाद जब ऐसी चर्चा चल रही थी कि मोदी कैबिनेट के गठन में एनडीए के प्रमुख सहयोगियों, टीडीपी और जेडीयू का बोलबाला रहेगा। इन दोनों दलों को अलग-अलग तीन से चार मंत्री पद देने की बात कही जा रही थी। भाजपा के दबाव में आने की बात हुई, लेकिन रविवार शाम को जब मोदी 3.0 के मंत्रियों ने शपथ ली, तो एनडीए के सहयोगियों के दावों को लेकर सारी धुंध छट गई। मंत्रिमंडल के गठन में पीएम मोदी ने अपना फ्री हैंड रखा। उन्होंने अपने '71' सहयोगियों के जरिए मौजूदा सियासत को साधने का प्रयास किया है। भाजपा ने एनडीए के 11 सहयोगियों को मंत्रिमंडल में जगह दी है, जिनमें पांच कैबिनेट मंत्री हैं। 



पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में हर प्रांत, जाति और समुदायों के प्रतिनिधियों को स्थान दिया गया है। हरियाणा जैसा राज्य, जहां भाजपा ने लोकसभा की दस में से पांच सीटों पर जीत दर्ज कराई है, यहां से एक कैबिनेट, एक राज्य मंत्री 'स्वतंत्र प्रभार' और एक राज्य मंत्री को शामिल किया गया है। वजह, अगले चार माह में हरियाणा के विधानसभा चुनाव होने हैं। 


लोकसभा चुनाव में भाजपा, 240 सीटों के साथ संसद में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वह अपने दम पर स्पष्ट बहुमत के करीब नहीं पहुंच सकी, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाले 'एनडीए' को 292 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत मिला है। एनडीए के सहयोगी दल 'जदयू' के 12 और टीडीपी के 16 सांसद हैं। जब शपथ ग्रहण कार्यक्रम शुरू हुआ, तो मोदी का 'फ्री हैंड' स्टाइल देखने को मिला। कैबिनेट मंत्रियों के शपथ ग्रहण में पहले आठ स्थान, भाजपा के लिए बुक रहे। सबसे पहले नरेंद्र मोदी ने शपथ ली। उनके बाद राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण, डॉ. एस जयशंकर और मनोहर लाल खट्टर ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली। खास बात ये रही कि शपथ लेने के 9वें क्रम पर भी जेडीयू और टीडीपी नहीं रही। कर्नाटक के पूर्व सीएम और जेडीएस के सांसद एचडी कुमार स्वामी ने नौवें नंबर पर बतौर कैबिनेट मंत्री की शपथ ली। उसके बाद महाराष्ट्र के भाजपा सांसद पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान को मोदी कैबिनेट का हिस्सा बनाया गया।

इनके बाद भी जेडीयू व टीडीपी का नंबर नहीं आया। बिहार के पूर्व सीएम और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के सांसद जीतन राम मांझी, कैबिनेट मंत्री की शपथ लेने मंच पर आए। मांझी के बाद जेडीयू के राजीव रंजन सिंह 'ललन सिंह' को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इस क्रम में अगली बारी असम के पूर्व सीएम सर्वानंद सोनोवाल की थी। उन्होंने बतौर कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। भाजपा के सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाने के बाद टीडीपी सांसद राम मोहन नायडू का नंबर आया। उन्हें कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। वे मोदी कैबिनेट में सबसे युवा मंत्री हैं। इसे मोदी का भरोसा या रणनीति कहें, बिहार में जीतनराम मांझी अपनी पार्टी के अकेले सांसद हैं, उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। दूसरी तरफ चिराग पासवान की पार्टी के पाँच सांसद जीते हैं, लेकिन अकेले चिराग को ही कैबिनेट मंत्री का पद मिला है।

खास बात है कि मोदी मंत्रिमंडल में 39 ऐसे चेहरे हैं, जो केंद्रीय मंत्रिमंडल में पहले काम कर चुके हैं। पीएम मोदी ने अपने उन पूर्व साथियों को इस बार भी मौका दिया है, जिनका काम सराहनीय रहा है। इस सूची में अमित शाह, अश्वनी वैष्ण्व, निर्मला सीतारमण, हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रहृलाद जोशी, गजेंद्र सिंह शेखावत, किरेन रिजिजू, जी. किशन रेड्डी और मनसुख मंडाविया सहित कई दूसरे चेहरे शामिल हैं। इस लोकसभा चुनाव में पंजाब में भले ही भाजपा का खाता नहीं खुल सका, लेकिन इसके बावजूद रवनीत बिट्टू को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। वजह, भाजपा का फोकस पंजाब में विधानसभा चुनाव पर है। हालांकि अभी विधानसभा चुनाव में वक्त है, लेकिन भाजपा वहां पर अपनी फिल्डिंग जमाना चाहती है। उसे पंजाब की राजनीति में एक सिख चेहरा चाहिए था। इसी रणनीति के तहत भाजपा ने बिट्टू को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। बिट्टू, पंजाब के पूर्व सीएम दिवंगत बेअंत सिंह के पोते हैं। मोदी मंत्रिमंडल में 27 ओबीसी चेहरे हैं। अनुसूचित जाति से दस और एसटी के पांच सांसदों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली है। 

पीएम मोदी ने 'अनुभव' को दी है तव्वजो
अपने बयानों के लिए चर्चित रहने वाले बिहार से भाजपा सांसद गिरिराज सिंह को भी मोदी सरकार में शामिल किया गया है। मोदी 2.0 में मंत्री रहे भूपेंद्र यादव को दोबारा से कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वे राजस्थान के अलवर से भाजपा सांसद हैं। राजस्थान से ही आने वाले जोधपुर के भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत, जो मोदी 2.0 में केंद्रीय मंत्री रहे हैं, को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। झारखंड से भाजपा सांसद अन्नपूर्णा देवी को कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई गई है। वे मोदी सरकार में दूसरी बार मंत्री बनी हैं। अरुणाचल प्रदेश से भाजपा सांसद किरेन रिजिजू को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वे मोदी सरकार के वन और टू, दोनों कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को दोबारा से कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। 

तेलंगाना से आने वाले जी. किशन रेड्डी को दूसरी बार मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। बिहार से लोक जन शक्ति पार्टी 'रामविलास' के सांसद चिराग पासवान को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। गुजरात में भाजपा को 26 में से 25 सीटों पर जीत हासिल हुई है। ऐसे में वहां से पार्टी अध्यक्ष सीआर पाटिल को मोदी सरकार में बतौर कैबिनेट मंत्री शामिल किया गया है। अगले साल दिल्ली में विधानसभा चुनाव हैं, तो ऐसे में भाजपा सांसद हर्ष मल्होत्रा को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। हरियाणा के सांसद राव इंद्रजीत सिंह को मोदी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। वे राज्य मंत्री 'स्वतंत्र प्रभार' बने हैं। पिछली सरकार में भी वे मोदी मंत्रिमंडल में शामिल रहे हैं। जम्मू कश्मीर से आने वाले डॉ. जितेंद्र सिंह को भी राज्य मंत्री 'स्वतंत्र प्रभार' बनाया गया है। राजस्थान से भाजपा के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को राज्य मंत्री 'स्वतंत्र प्रभार' बनाया गया है। महाराष्ट्र से शिव सेना के सांसद प्रताप जाघव को राज्य मंत्री 'स्वतंत्र प्रभार' बनाया गया है। 

उत्तर प्रदेश से आने वाले आरएलडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी को राज्य मंत्री 'स्वतंत्र प्रभार' बनाया गया है। उत्तर प्रदेश से केंद्रीय कैबिनेट में पीएम मोदी सहित 11 मंत्री शामिल हैं। केरल से दो सांसदों को मंत्री बनाया गया है। वहीं, ओडिशा से तीन लोगों को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। राजस्थान में भाजपा का प्रदर्शन खराब रहने के बावजूद चार चेहरों को मोदी कैबिनेट में शामिल किया गया है। तमिलनाडु में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली, लेकिन इसके बावजूद वहां के एक सांसद को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश से भाजपा के राज्यसभा सांसद एल मुरुगन, जो तमिलनाडु से आते हैं, उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया है। बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में वहां से आठ मंत्री, मोदी सरकार में शामिल किए गए हैं। पश्चिम बंगाल से भाजपा सांसद एवं प्रदेशाध्यक्ष सुकांता मजूमदार को राज्य मंत्री बनाया गया है। देश के कौने-कौने से नेताओं को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। 

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