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लापरवाही: टीका लगने के बाद की दिक्कतों पर सरकार की नजर नहीं, 25 फीसदी तक घटी रिपोर्टिंग
Wed, 05 May 2021 04:24 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 05 May 2021 04:24 PM IST
सार
मार्च की शुरुआत में टीकाकरण को लेकर जिस तरह की रिपोर्टिंग की जा रही थी, उसमें अभी एक-चौथाई तक की कमी आई है।
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भारत में कोरोना टीकाकरण
- फोटो : PTI
विस्तार
कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान के बाद प्रतिकूल घटनाओं की रिपोर्टिंग में करीब 25% तक गिरावट आई है। मार्च की शुरुआत में टीकाकरण को लेकर जिस तरह की रिपोर्टिंग की जा रही थी, उसमें अभी एक-चौथाई तक की कमी आई है। केंद्र सरकार ने जब से 18 प्लस लोगों को वैक्सीनेशन करने का एलान किया है तब से टीकाकरण के खिलाफ की जा रही रिपोर्टिंग में भारी कमी आई है। हालांकि टीका लगने के बाद की दिक्कतों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है।
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टीकाकरण से हो रही परेशानी पर सरकार कर रही नजरअंदाज
टीकाकरण के बाद हो रही परेशानियों को नजरअंदाज कर रही है, जबकि विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जाहिर की है। एईएफआई की राष्ट्रीय समिति ने अप्रैल में स्वास्थ्य मंत्रालय को एक मसौदा सौंपा था,जिसमें एक विस्तृत रिपोर्ट के साथ-साथ खून के थक्कों के 490 नमूनों के मूल्यांकन के लिए भेजा गया। हालांकि अभी तक इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। अगले सप्ताह तक जांच रिपोर्ट आने की संभावना है। टीकाकरण के बाद हो रही दिक्कतों की जांच के लिए एईएफआई की रिपोर्टिंग बेहद जरूरी है।
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