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रिपोर्ट में खुलासा, लड़कों से ज्यादा लड़कियों को सरकारी स्कूलों में भेजते हैं माता-पिता
Wed, 15 Jan 2020 05:54 AM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 15 Jan 2020 05:54 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
लिंग के आधार पर बच्चों के साथ भेदभाव की हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है। एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (एएसईआर) की मंगलवार को आई 14वीं रिपोर्ट के मुताबिक, अभिभावक चार से आठ साल के अपने बच्चों के साथ लिंग के आधार पर भेदभाव करते हैं। वे लड़कों के मुकाबले लड़कियों को सरकारी स्कूलों में भेजते हैं।
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एएसईआर ने अपनी रिपोर्ट 2019 में 24 राज्यों के 26 जिलों में चार से आठ साल के 36,000 बच्चों से बातचीत के आधार पर तैयार की है। रिपोर्ट कहती है कि मां-बाप लड़कों से ज्यादा लड़कियों को सरकारी स्कूलों में दाखिला कराना पसंद करते हैं। इसी वजह से सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में लिंग आधारित यह अंतर साफ नजर आता है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, 56.8 प्रतिशत लड़कियों और 50.4 प्रतिशत लड़कों ने सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया। जबकि 43.2 प्रतिशत लड़कियों और 49.6 प्रतिशत लड़कों ने प्राइवेट प्री स्कूलों या स्कूलों में प्रवेश लिया। लिंग के आधार पर प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में लड़के और लड़कियों के दाखिले का अंतर करीब छह से आठ प्रतिशत है।
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