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Cash for Query: 'सदस्यता खत्म करना ज्यादा..', महुआ मोइत्रा को लेकर अधीर रंजन का लोकसभा अध्यक्ष को पत्र

Sat, 02 Dec 2023 01:17 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Sat, 02 Dec 2023 01:17 PM IST
सार

लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी एजेंडा के अनुसार, आचार समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर पैनल की पहली रिपोर्ट लोकसभा के पटल पर रखेंगे। पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में समिति ने 9 नवंबर को एक बैठक में महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश वाली रिपोर्ट को मंजूरी दी थी।

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report on Mahua moitra expulsion will present in Parliament on Monday
अधीर रंजन चौधरी ने संसद सदस्यता को लेकर महुआ मोइत्रा का बचाव किया। - फोटो : Social Media

विस्तार

तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसदीय आचार समिति अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि आचार समिति इस मामले में महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता खत्म किए जाने की मांग कर सकती है। इस बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को इस मामले में एक चिट्ठी लिखी है।  उन्होंने कहा है कि महुआ मोइत्रा की सदस्यता छिनना ज्यादा गंभीर बात होगी। 

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गौरतलब है कि कैश-फॉर-क्वेरी मामले में आचार समिति ने मोइत्रा से पूछताछ की थी। मोइत्रा पर आरोप है कि उन्होंने उपहारों के बदले संसद में सवाल पूछे थे और उन्होंने अपना संसदीय लॉगिन आईडी-पासवर्ड एक व्यापारी के साथ साझा किया था। बता दें, मोइत्रा पहले ही अपने आरोपों को स्वीकार कर चुकी हैं। 
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अधीर रंजन ने पत्र में क्या कहा?
अधीर रंजन ने संसदीय समितियों के कामकाज पर नियमों और प्रक्रियाओं पर पुनर्विचार के साथ इनकी सही से समीक्षा करने की मांग की। चार पन्नों वाले अपनी चिट्ठी में अधीर ने कहा कि विशेषाधिकार समिति और आचार समिति के लिए भूमिकाओं में कोई स्पष्ट दायरा नहीं है, खासकर दंडात्मक शक्तियों के इस्तेमाल के मामले में। आचार समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई का विरोध करते हुए अधीर रंजन ने कहा कि अनैतिक आचरण की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं है और इसके लिए आचार संहिता तैयार होना बाकी है।
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अधीर रंजन चौधरी लोक लेखा समिति के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा व्यक्त किए गए विचार उनके अपने हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है और यह काम अध्यक्ष के मार्गदर्शन में किया जाना चाहिए।

दो भाषाओं में पेश होगी रिपोर्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शीतकालीन सत्र के पहले दिन चार दिसंबर को विनोद कुमार सोनकर और अपराजिता सारंगी आचार समिति की पहली रिपोर्ट हिंदी और अंग्रेजी भाषा में सदन में पेश करेंगे। आचार समिति ने पिछले महीने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को मसौदा रिपोर्ट सौंपा था। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो समिति ने मोइत्रा को निष्कासित करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट 6:4 के बहुमत से अपनाया गया है। सोनकर के अनुसार पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर ने भी समर्थन किया है।

जानिए, महुआ मोइत्रा पर आखिर क्या आरोप लगे है?
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से उपहार के बदले संसद में सवाल पूछने का आरोप है। इस मामले में लोकसभा की आचार समिति ने उन्हें सांसद पद से निष्कासित करने की सिफारिश की है। 

इससे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अदाणी समूह पर सवाल पूछने के लिए सांसद मोइत्रा ने रिश्वत ली थी। उन्होंने अडानी ग्रुप के मामले में पीएम मोदी की छवि खराब करने की कोशिश की। यहां तक कि मोइत्रा पर संसद की लॉगिन क्रेडेंशियल साझा करने का भी गंभीर आरोप है। हालांकि, मोइत्रा ने स्वीकार किया है कि उन्होंने अपना आईडी-पासवर्ड व्यापारी के साथ साझा किया था।


पूछताछ के दौरान हो गया था विवाद
आचार समिति द्वारा जारी पूछताछ का मोइत्रा ने बहिष्कार कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके साथ अभद्रता हुआ हई है। दरअसल, कमेटी ने जब मोइत्रा से उनकी विदेश यात्राओं के बारे में सवाल पूछा तो मामला बिगड़ गया था। कमेटी ने पूछा कि विदेश यात्रा के दौरान वह किस होटल में रुकीं, किसने भुगतान किया, उनका वह निजी सचिव कौन था, जो उनकी जगह सवाल करता था? इन सवालों का सामना करने के बाद महुआ आक्रामक हो गईं थी। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी के मुताबिक, महुआ ने कमेटी के अध्यक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मामले में मोइत्रा ने कहा कि मेरे साथ अशोभनीय और अनैतिक व्यवहार किया गया है। मुझसे पूछा गया कि रात में किससे बात करती हो? समिति मेरे निजी जीवन को मुद्दा बना रही है। इसलिए मैंने और कई सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किया।

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