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Bengaluru: कर्नाटक हाईकोर्ट के जज को मिली तबादला करने की धमकी, एसीबी को बताया था 'कलेक्शन सेंटर'
Mon, 04 Jul 2022 10:16 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 04 Jul 2022 10:16 PM IST
सार
जस्टिस संदेश ने पिछले सप्ताह एसीबी और उसके कामकाज पर बेंगलुरु शहर के उपायुक्त कार्यालय में एक उप तहसीलदार पी.एस. महेश की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की थी।
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कर्नाटक हाईकोर्ट के जज को मिली धमकी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कर्नाटक हाईकोर्ट के जज एचपी संदेश ने सोमवार को कहा कि भ्रष्टाचार निरोध ब्यूरो (एसीबी) के खिलाफ टिप्पणी के बाद उन्हें तबादला करने की धमकी दी गई। जस्टिस संदेश ने कहा था कि यह एक 'कलेक्शन सेंटर' बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस तरह की धमकियों से बेफिक्र हैं।
जस्टिस संदेश ने पिछले सप्ताह एसीबी और उसके कामकाज पर बेंगलुरु शहर के उपायुक्त कार्यालय में एक उप तहसीलदार पी.एस. महेश की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की थी। कार्यालय के दो कर्मचारियों को भूमि विवाद में अनुकूल आदेश के बदले 5 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
कोर्ट ने इस बात पर आपत्ति जताई थी कि कैसे वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा की जा रही है और मामले में केवल कनिष्ठ कर्मचारियों पर मुकदमा चलाया जा रहा है। इसी मामले में एसीबी ने आज एक संबंधित घटनाक्रम में आईएएस अधिकारी और बेंगलुरु शहर के पूर्व उपायुक्त मंजूनाथ जे को गिरफ्तार किया।
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आईएएस अफसर जे मंजूनाथ गिरफ्तार
भ्रष्टाचार मामले में कर्नाटक के एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को आईएएस अधिकारी जे मंजूनाथ को गिरफ्तार किया। मंजूनाथ पर बंगलूरू शहर में उपायुक्त रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। मंजूनाथ के खिलाफ यह कार्रवाई कर्नाटक हाईकोर्ट के सख्त तेवर अपनाने के बाद हुई है।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए एसीबी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। हाईकोर्ट ने कहा था एसीबी कलेक्शन सेंटर बनता जा रहा है और एसीबी प्रमुख को मंजूनाथ के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट पेश करने के लिए भी कहा था। एसीबी ने मंजूनाथ को यशवंतपुर में उनके आवास से गिरफ्तार किया। मंजूनाथ को 1 जुलाई को बंगलूरू में एकीकृत बाल संरक्षण योजना के निदेशक के रूप में स्थानांतरित किया गया था।
कर्नाटक में इससे पहले 21 मई को, एक उप तहसीलदार पी एस महेश को एक अनेकल निवासी से कथित तौर पर 38 गुंटा भूमि के संबंध में एक अनुकूल ऑर्डर पास करने के लिए 5 लाख रुपये की रियवत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था।
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जस्टिस संदेश ने पिछले सप्ताह एसीबी और उसके कामकाज पर बेंगलुरु शहर के उपायुक्त कार्यालय में एक उप तहसीलदार पी.एस. महेश की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की थी। कार्यालय के दो कर्मचारियों को भूमि विवाद में अनुकूल आदेश के बदले 5 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
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कोर्ट ने इस बात पर आपत्ति जताई थी कि कैसे वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा की जा रही है और मामले में केवल कनिष्ठ कर्मचारियों पर मुकदमा चलाया जा रहा है। इसी मामले में एसीबी ने आज एक संबंधित घटनाक्रम में आईएएस अधिकारी और बेंगलुरु शहर के पूर्व उपायुक्त मंजूनाथ जे को गिरफ्तार किया।
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आईएएस अफसर जे मंजूनाथ गिरफ्तार
भ्रष्टाचार मामले में कर्नाटक के एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को आईएएस अधिकारी जे मंजूनाथ को गिरफ्तार किया। मंजूनाथ पर बंगलूरू शहर में उपायुक्त रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। मंजूनाथ के खिलाफ यह कार्रवाई कर्नाटक हाईकोर्ट के सख्त तेवर अपनाने के बाद हुई है।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए एसीबी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। हाईकोर्ट ने कहा था एसीबी कलेक्शन सेंटर बनता जा रहा है और एसीबी प्रमुख को मंजूनाथ के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट पेश करने के लिए भी कहा था। एसीबी ने मंजूनाथ को यशवंतपुर में उनके आवास से गिरफ्तार किया। मंजूनाथ को 1 जुलाई को बंगलूरू में एकीकृत बाल संरक्षण योजना के निदेशक के रूप में स्थानांतरित किया गया था।
कर्नाटक में इससे पहले 21 मई को, एक उप तहसीलदार पी एस महेश को एक अनेकल निवासी से कथित तौर पर 38 गुंटा भूमि के संबंध में एक अनुकूल ऑर्डर पास करने के लिए 5 लाख रुपये की रियवत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था।